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बिहार के युआओ जो अपने बेटे की चिंता करता है
वो बिहार के युआ की चिंता कर सकता है क्या?
जो देश के बारे में सोचेगा वो अपने बच्चे के बारे में कभी नहीं सोचेगा
और ये जो कॉंग्रेशी हैं न, ये जो चम्चे हैं, मेरे पर आरोप लगाते हैं
कि मैंने अपनी बच्चे को BCCI का सच्चिव बना दिया
वो जब विदेश यात्रा करता है न, तो पर डे उसको भत्ता जानते हैं?
कितना मिलता है? मात्र 84 लाख रुपे
और देश में जब यात्रा करता है एक दिन का, तो पर डे का उसको सिर्फ 40 लाख रुपे मिलता है
वो तो बिचारा तंखा भी नहीं लेता है
पर डे के भत्ते पे काम कर रहा है
और टैलेंटेट था, इतना बढ़िया क्रिकेट खेलता था, इतना बढ़िया अपने दम पे सच्चिव बना है
मेरा कोई योगदान नहीं है, मैं तो सिर्फ आप लोगों के बच्चों के बारे में सोच रहा हूं
उन्हें इतनी अच्छी सिच्चा दूँगा, इतनी अच्छी सिच्चा दूँगा
कि वो अन्धभक्त बन कर तयार हो जाएंगे
उनके कान में कुछ नहीं सुनाई देगा
कुछ भी ना आख से दिखाई देगा
और मुझसे तो सिर्फ अमरित बरसेगा, लोगों के लिए कालिया बरसेगा
देश मजबूत बने या ना बने, अन्धभक्त बहुत मजबूत बनाऊंगा
सिर्फ मैं आपके बच्चों के लिए काम कर रहा हूं
और उन्हीं के लिए वोट मांग रहा हूं
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