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Hindi → English transcript
Friends, for nearly ten years the disaster government
यहां जो आपदा सरकार थी,
that was here had stalled every single development work.
Now, for solutions to the various challenges linked to Delhi, our government
is working in mission mode.
With the construction of the Peripheral Expressway,
lakhs of vehicles no longer need to
दिल्ली में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
भाजपा सरकार
यमुना जी की साफ-सफाई के लिए भी
बहुत बड़े लेवल पर काम कर रही है।
For this, work has been started on projects worth crores of rupees.
For this, work has been started on projects worth crores of rupees.
Friends, the disaster government that used to be in Delhi earlier, did not care
Friends, the disaster government that used to be in Delhi earlier, did not care
उसे यहां के गरीब,
at all about the poor here, or about the problems of the middle
किसी की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता था।
आपदा सरकार ने
हेल्थ सेक्टर का भी बुरा हाल कर रखा था।
हम आपदा सरकार को चिट्ठियां लिखते थे, भारत सरकार चिट्ठियां लिखती थी
और कहते रहे कि आयुष्मान स्कीम लागू करो।
लेकिन आपदा वालों ने
कभी गरीबों की परवाह नहीं की।
मुझे खुशी है
कि यहां रेखा जी के नेतृत्व में
of Rekha ji, the BJP government It is constantly engaged in
निरंतर स्थितियों को बदलने में जुटी है।
बीते एक वर्ष में ही
many Ayushman Arogya Mandirs have been established here.
यहां स्थापित किए गए हैं।
This is greatly benefiting the poor and the middle class. Now in Delhi,
अब दिल्ली में
the Ayushman Scheme is also in force. The people of Delhi are also getting
दिल्ली के लोगों को मुफ्त इलाज भी मिल रहा है।
free treatment. The difference is clear, the way of the disaster- walas was—
आपदा वालों का तरीका था-
little work, lots of excuses. Today in Delhi
आज दिल्ली में
the model of development is— excuses stopped,
बहाने बंद, काम शुरू।
पहले प्रोजेक्ट्स फाइलों में
in the files, today projects come down on the ground.
in the files, today projects come down on the ground.
End of transcript · 349 words · machine translated
Original transcript (Hindi)
साथियों, करीब दस वर्षों तक यहां जो आपदा सरकार थी, उसने विकास का हर काम ठप रखा था। अब दिल्ली से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हमारी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है।
पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बनने से लाखों गाड़ियों को दिल्ली में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं पड़ती। भाजपा सरकार यमुना जी की साफ-सफाई के लिए भी
बहुत बड़े लेवल पर काम कर रही है। इसके लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है। साथियों, दिल्ली में पहले जो आपदा सरकार थी,
उसे यहां के गरीब, मध्यम वर्ग, किसी की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता था। आपदा सरकार ने हेल्थ सेक्टर का भी बुरा हाल कर रखा था।
हम आपदा सरकार को चिट्ठियां लिखते थे, भारत सरकार चिट्ठियां लिखती थी और कहते रहे कि आयुष्मान स्कीम लागू करो। लेकिन आपदा वालों ने कभी गरीबों की परवाह नहीं की। मुझे खुशी है
कि यहां रेखा जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार निरंतर स्थितियों को बदलने में जुटी है। बीते एक वर्ष में ही अनेक आयुष्मान आरोग्य मंदिर
यहां स्थापित किए गए हैं। इससे गरीब और मिडिल क्लास को बहुत फायदा मिल रहा है। अब दिल्ली में आयुष्मान स्कीम भी लागू है। दिल्ली के लोगों को मुफ्त इलाज भी मिल रहा है।
फर्क साफ है, आपदा वालों का तरीका था- काम कम, बहाने ज्यादा। आज दिल्ली में विकास का मॉडल है-
बहाने बंद, काम शुरू। पहले प्रोजेक्ट्स फाइलों में दम तोड़ते थे, आज प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतरते हैं।