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MLC के elections के अभी result आए थे जो कि 28 seat पर थे और चार राज्यों में थे
जिनको ballot paper पर किया गया। अब यहाँ पर उन election के result को
लेकर नरेंद्र मोदी ने tweet किया है कि 28 राज्यों में elections थे
चार states में। Guess how many seats Congress won और ballot
paper पर जो कि हुए थे। यहाँ पर नरेंद्र मोदी कोई भी
एक मौका नहीं छोड़ते अपनी image को whitewash करने का, एक white
PR करने का। लेकिन हम अनपढ़ आदमी नहीं है। हम आराम से देखेंगे मोदी जी को expose
करते हुए कि actually में मोदी जी ने यहाँ पर क्या खेल खेला है। तो पहला सवाल यहाँ पर
यह आता है कि क्या MLC के जो elections होते हैं उनमें कोई भी vote कर सकता है। जवाब
है बिल्कुल नहीं। MLC के elections में one by third सीटें होती
हैं। उनको MLAs elect करते हैं। one by third seats को local
authorities graduates one by twelfth teachers की और बाकी बची हुई one by
six होती है जो governor nominate करता है और governor को कौन appoint करता है हमारी
central government। तो basically MLC के जो elections होते हैं यहाँ पर उनमें यह सब
लोग vote करते हैं। कोई ordinary citizen यहाँ पर जाकर vote नहीं कर सकते। अब यहाँ
पर इन्होंने game कैसे घुमाया? सबसे पहले तो उसके लिए समझो कि elections जो
होते
हैं MLC के वो normal elections की तरह नहीं होते। जहाँ पर जैसे आप vote देने जाते हो
तो वहाँ पर ये होता है ना कि जिस candidate को सबसे ज्यादा vote मिल जाते हैं वो जीत
जाता है वहाँ पर। but MLC के elections को यहाँ पर हम step by step समझेंगे कि
यहाँ पर किस तरह से होते हैं। तो यहाँ पर जो election का process होता है उसका नाम
होता है preferential voting system। preferential voting system में यह होता
है कि आपको इस तरह से एक पर्चा दे दिया जाएगा जहाँ पर candidates के यहाँ पर नाम
लिखे
रहेंगे जो ये लोग चुने गए हैं। ये लोग क्या करेंगे वहाँ पर कि जितने
भी candidates हैं उनको एक preference number देंगे। for example candidate A को
उन्होंने one number दे दिया तो यानी कि उस इंसान की पहली preference जो होगी
वो candidate A होगी। फिर जो अगली priority उसके इंसान को candidate B
होगी। इस तरह से जितने भी लोग हैं वहाँ पर उनको priority number दे देंगे वो। तो अब
यहाँ पर थोड़ा सा ध्यान से देखना कि इसका result कैसे निकालते हैं। सबसे पहले तो
first preference जो लोगों की होती है ना उन सबको vote दे देते हैं उनकी। जैसे यहाँ पर
पाँच candidates है candidate A, B, C, D, E। तो जिस इंसान की
पहली preference A होगी उसका vote A को चला जाएगा, जिसकी B होगी उसका B
को चला जाएगा, जिसकी C होगी उसका C को, जिसकी D इस तरह से वो चलता रहता है।
अगर पहले ही pass में कोई इंसान ऐसा मिल जाता है जिसको
50 percent plus one vote से ज्यादा vote मिल जाता है तो वो इंसान वहाँ पर
winner हो जाएगा। अब यहाँ पर अगर ऐसी situation आती है कि किसी भी पांचों में से
एक candidate को 50 percent से ज्यादा vote नहीं मिले। मान लिया इस candidate को यहाँ
पर सबसे कम vote मिले। इस इंसान को eliminate करके उसकी जो
vote है वो इन सब में बंट जाएगी कि इस इंसान को जिसने vote किया
होगा पहली preference में उनकी सबकी second preference देखी
जाएगी। अगर उनकी second preference इनमें से जो जो भी लोग
होंगे उनको इस इंसान का vote distribute कर दिया जाएगा और
यह तब तक किया जाएगा जब तक यहाँ पर कोई भी एक इंसान 50
percent से ज्यादा vote यहाँ पर नहीं ले जाता। मतलब यह वो elections हैं जहाँ
पर आम लोग vote नहीं करते, जहाँ पर ये सारे लोग vote करते हैं। ये
elections के steps समझ कर आपको अब यह समझ में आ रहा होगा कि मोदी जी अपनी image
whitewash करने के लिए किस तरह से एक narrative set कर देते हैं कि ballot paper
से
हमने elections कराया और Congress zero.
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