6.5 लाख फॉलोअर्स वाला Facebook अकाउंट सस्पेंड, बाबा पर स्ट्राइक का आरोप
मेरा साढ़े छह लाख से ज्यादा follower
वाला Facebook
account इस देश में suspend कर
दिया गया है। Suspend कर दिया गया है
क्योंकि उस पर मजबूत सवाल पूछे जाते थे।
इस suspension के पीछे
सिर्फ सरकार नहीं है
बल्कि एक बहुत बड़ा बाबा भी है जो
स्वदेशी के नाम पर व्यापार करता है। उस
बाबा ने trademark
strike दी है कि मैं
उस बाबा के एक बड़े संस्थान के नाम पर
नकली उत्पाद बेच
रहा हूं। जबकि मैंने
उस संस्थान के ऊपर लगाए गए तमाम ban,
जो Supreme Court के आदेश से लगाए गए
थे, तमाम फसाई के लगाए गए जुर्मानों का audit
किया था और मैंने बताया
था कि उस बाबा ने पिछले 10 साल में
किन-किन उत्पादों पर कितना
जुर्माना दिया है और अखबार
में अपने झूठे विज्ञापन के लिए कब-कब
माफीनामा छापा है। ये video कुछ दो महीने पुराने
थे, कुछ video चार महीने पुराने
थे और कुछ तो छह महीने पुराने
थे। तीनों video पर एक
साथ trademark strike
मारी गई ताकि account
बचने की कोई गुंजाइश ना बचे। ये
कानूनी लड़ाई
जितनी है, उतनी सामाजिक भी है।
आप सब उस बाबा को जानते
हैं। आप सब उस
company को भी जानते हैं। मैं नाम नहीं ले सकता मगर ये तो बता सकता हूं कि उसने
स्वदेशी के नाम पर इस देश की
जनता को जहां-जहां
भी ठगा है, उस सब पर
Supreme Court के आदेश और फसाई
के तमाम नियमों के आधार
पर मैंने वो video
बनाई थी। कोई फर्जी product नहीं
बेचा था। जिस काम का आरोप मैं उस उत्पाद पर
लगा रहा था, वही आरोप मेरे ऊपर
लगाकर मेरे Facebook को
suspend कर दिया
गया। इसके अलावा सात से ज्यादा community
और copyright strike
भी आई। एक strike
इसमे थी क्योंकि कुछ गुंडे जब बच्चों को पीट रहे थे,
मैंने उस video को call करके बोला
था कि इस तरीके की घटनाएं
नहीं होनी चाहिए और दिल्ली पुलिस इस पर संज्ञान
ले। तो जिस official account ने video post किया था,
उस account से video नहीं हटा। उस
चीज को गलत बताने के लिए
मेरे ऊपर strike मार
के उस video को हटा दिया
गया। दिल्ली पुलिस की
brutality के सात से ज्यादा video
delete कर दिए गए, India में suspend
कर दिए गए और account को
restricted
zone में भेज दिया गया। उसके बाद इस account को suspend कर दिया गया। अब मेरी appeal
आपसे ये है कि इस video को ज्यादा से ज्यादा share
करिए। लोगों तक
पहुंचाइए। लड़ाई तो कानूनी तौर
पर लड़ी जाएगी। हम यहां Instagram या
Facebook account बनाने नहीं आए थे। ये सारी चीजें दोबारा खड़ी की जा सकती हैं।
हम यहां सही चीजों की मांग
के लिए आए थे और वो हम करते रहेंगे।
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