Transcript · Hindi

Hindi transcript

क्या आपने नुक्ता निकाला उसमें?

आपने पूरा जवाब सुना ही नहीं, अब सुन लें, मेरी बात सुन लें।

ये मैंने आपको एक चीज़ बताई, दूसरी चीज़...

इस दुनिया में हम आए हैं टेस्ट के लिए, हमारा टेस्ट हो रहा है।

और हर इंसान का अलग-अलग अंदाज़ में टेस्ट होता है।

और इस दुनिया में अगर ईविल (evil) मौजूद है, तो वो ईविल...

ज़रिया है हमारे अंदर ह्यूमन नोबल क्वालिटीज़ को डेवलप करने का।

और अलग-अलग फील्ड में प्रोग्रेस करने का।

और अगर हमारे अंदर, और इस दुनिया में ईविल नहीं होता...

तो बताइए टेस्ट का मतलब क्या होता?

अगर मैं अपने स्टूडेंट को MCQs दूं...

और उसमें सिर्फ़ राइट आंसर लिखकर दे दूं और कहूं तुम्हारा टेस्ट हो गया...

ये मीनिंगलेस है।

इस दुनिया में अगर हम टेस्ट के लिए आए हैं तो ज़ाहिर है गुड एंड ईविल दोनों मौजूद है।

तो अगर गुड एंड ईविल दोनों मौजूद है, तो ये ईविल भी ख़ुदा का बनाया हुआ है?

जी हां, ख़ुदा का बनाया हुआ है लेकिन...

अच्छा, चलो अच्छी बात है।

जी बिल्कुल, बिल्कुल ख़ुदा ने बनाया है।

तो मतलब अभी, अभी तो ये है कि जो मेजॉरिटी है दुनिया में...

वो ईविल है।

तो ये ख़ुदा एक्चुअली ईविल के साइड पे लग रहा है मुझे।

बिल्कुल भी नहीं, मैं बताता हूं।

इसलिए कि मेजॉरिटी में तो वो हैं।

क्या बात कर रहे हैं भाई आप?

मैं बहुत... कोई भी जो मुंसिफ़ होगा...

चाहे आपका अपना घर हो जिसके आप सबसे बड़े हैं...

चाहे आपकी ऑर्गनाइज़ेशन हो जो आप चलाते हैं...

वहां पर आप ईविल रखेंगे?

साबित करने को कि बाक़ी लोग शरीफ़ हैं?

मेरी बात सुन लें।

क्या ये आर्गुमेंट ही ग़लत है।

कि जब तक कि कोई ईविल नहीं होगा, तब तक कि शरीफ़ आदमी शरीफ़ नहीं लगेगा।

अगर एग्जामिनर ग़लत ऑप्शन दे रहा है, तो एग्जामिनर ईविल नहीं हो गया।

जो ग़लत ऑप्शन को सेलेक्ट कर रहा है वो फेल होगा।

क्रिएटर ने ईविल को बनाया है, लेकिन वो ईविल नहीं है।

अच्छा।

सुनिए, मेरी बात...

एक, एक, एक मिनट सर।

लेट मी कम्पलीट सर। जी जी।

क्रिएटर ने ईविल को बनाया है टेस्ट के लिए, वो ईविल नहीं है।

ईविल वो होगा, वो होगा जो उसे इख़्तियार करेगा।

छुरी को बनाने वाला ग़लत नहीं होता है...

छुरी का ग़लत इस्तेमाल करने वाला ग़लत होता है।

जी।

रेप को कैसे ग़लत इस्तेमाल करते हैं?

रेप...

इंसान के फ्री विल का नतीजा है ये...

माइक बंद...

आप क्या...

ये रेप कैसे ग़लत इस्तेमाल होता है, ये मुझे...

अब सुन लें, अब सुन लें।

वो भी ग़लत इस्तेमाल होता है?

हां मैं बता रहा हूं न।

रेप कैसे ग़लत इस्तेमाल...

मैं बता रहा हूं, मैं बता रहा हूं।

कि जो ईविल इस दुनिया में मौजूद है...

उसके कई सारे तरीक़े हैं, एक तरीक़ा इंसान का अपना फ्री विल है।

अब अगर कोई रेपिस्ट रेप कर रहा है तो इसका गॉड का क़ुसूर नहीं है...

वो अपने फ्री विल का ग़लत इस्तेमाल कर रहा है...

उसको सज़ा मिलनी चाहिए।

और उसी के लिए जहन्नम बनाई गई है।

अच्छा, ये फ्री विल का भी बड़ा चक्कर।

आप जब कोई बुरा काम करते हैं या कोई बुराई होती है तो ये कहा जाता है कि ये फ्री विल है।

सेवन बिलियन फ्री विल्स आर मूविंग ऑन दिस प्लैनेट।

सेवन बिलियन फ्री विल्स।

और एक आदमी अपनी फ्री विल से मुझे क़त्ल...

देखिए दुनिया में दो तरह के जानवर हैं।

एक जो अकेले रहते हैं जंगल में...

और एक जो ग्रुप्स में रहते हैं।

ग्रुप में जो भी रहेगा...

चाहे वो आपका फाउंडेशन हो...

चाहे कोई क्लब हो...

चाहे कोई पॉलिटिकल पार्टी हो...

चाहे कोई यूनिट हो...

उसमें आपको इंटरैक्ट करने के रूल बनाने पड़ेंगे।

यानी लोग तय करेंगे।

लोग तय करेंगे।

अगर लोगों ने ये तय किया कि किसी का रेप करना सही है आप जस्टिफाई करेंगे?

नहीं...

आपका फाउंडेशन तो ये हो गया न कि लोग ईविल डिसाइड करेंगे।

दुनिया में... नहीं नहीं नहीं।

अरे...

दुनिया में ऐसे ग्रुप्स हैं...

जो रेप को जायज़ मानते हैं सर्टेन हालात में।

मैं डिटेल में नहीं जाऊंगा, आप भी जानते हैं।

ये जो ISIS वाले थे, उन्होंने क्या किया था?

तो...

उन्होंने क्या किया उसका ख़ुदा से कोई ताल्लुक़ नहीं है सर।

मैंने सिंपल सवाल किया कि ईविल को आप डिफाइन करते कैसे हैं?

आइए वापस आइए। जी।

आप साथ में तभी रह सकते हैं जब कुछ आप ऐसे उसूल डेवलप करें...

जिसमें हर एक का बेसिक तहफ्फुज़, हर एक का बेसिक राइट हो...

और हर एक को कोई आराम मिले।

यही तरीक़ा है किसी भी ऑर्गनाइज़ेशन का जिसमें एक से ज़्यादा लोग हैं।

और वो ऐसे चलती है ज़िंदगी।

उसमें अगर आप गड़बड़ करेंगे तो तबाही होगी, नुक़सान होगा।

बर्बादियां आएंगी।

और अगर उसमें आप... घर ले लीजिए न।

एक हस्बैंड है, एक वाइफ है, बच्चे हैं, वालिदा भी हैं...

दो बहनें भी हैं, एक भाई भी है।

अब इसमें कोई निज़ाम आपको चाहिए साथ में रहने का।

और एक दूसरे पे भरोसा रहे, एक दूसरे के ख़ैरख़्वाह हों...

एक दूसरे की मदद करें, ऐसी ज़िंदगी...

सर आपकी बात आ गई, आप ये कह रहे हैं कि लोग डिसाइड करेंगे...

क्या सही है क्या ग़लत है।

तो अगर मेजॉरिटी डिसाइड करेगी...

कि नाज़ी जर्मनी में ज्यूस को मारना सही है...

तो क्या वो सही हो जाता है?

यही है? मेजॉरिटी डिसाइड करेगी?

क्या सही है क्या ग़लत है?

अरे भाई बिल्कुल...

मेजॉरिटी अगर ये कहे कि नाज़ी जर्मनी के साथ जिस तरह मेजॉरिटी थी...

कि ज्यूस को मारना सही है...

End of transcript · 899 words

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