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Hindi → English transcript
Today’s Western historians,
By“ two thousand years old,”
And their notion of that period, that you can… you can see
through their various texts. But India has never,
लेकिन भारत ने कभी भी हमेशा से...
तथ्य और प्रमाण को सामने रख कर के...
then presented them before itself. There are coins from
काशी के सिक्के भी हैं,
Kashi as well, there are coins from Ayodhya too, there are coins from Kaushambi,
कौशाम्बी के हैं, पांचाल जनपद का भी है,
मथुरा का भी है...
यानी उन सभी क्षेत्रों से जुड़े हुए दुर्लभ सिक्के,
और उसमें भी उनकी...
ये सिक्के...
some of them… are made of copper,
तांबे के हैं, कुछ चांदी से जुड़े चांदी के हैं,
कुछ अन्य मिक्स धातु से भी बने हुए हैं।
इन सिक्कों से हमें उस समय की मापक पद्धति के बारे में भी,
that time as well, and in order to understand the history of that time… He also gets
उसने उस समय की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बारे में भी
जानने का एक बहुत बड़ा अवसर प्राप्त होता है।
आप याद करिए न, इतनी भारी विरासत...
Even today the West is not ready to accept it, even today they believe that they
आज भी वे मानते हैं कि दुनिया को लोकतंत्र उन्होंने दिया।
जबकि इससे बड़ा सफेद झूठ दूसरा नहीं हो सकता।
Recall the Vaishali republic. In itself, it was one that laid
यह अपने आप में लोकतंत्र की आधारशिला रखने वाला...
प्रारंभिक गणराज्यों में से एक है।
And that is why, during the G- 20 summit, our respected Prime Minister stated
this with full conviction… that India is not only the world’s
कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं,
largest democracy, but India is also the mother of democracy.
Prime Minister Modi also said this because, about democracy, if anyone wants to
understand it,
ये सिक्के भारत की उस विरासत के प्रतीक हैं, भारत की उस धरोहर के प्रतीक हैं।
The one who believes in India and Indianness, in India’s eternal tradition…
The one who believed in“ live and let live.” And what race, creed, religion,
और दुनिया की कौन सी ऐसी जाति, मत, मजहब, संप्रदाय है...
जिसको उसकी विपत्ति के समय हम भारतीयों ने शरण दे कर के...
given refuge… Have not given the chance to grow, to flourish, to move ahead?
Is there any other country like this in the world? Is there any other creed,
कोई अन्य मत, मजहब या संप्रदाय है जो इस बात की घोषणा करता हो?
“ To say‘ this is mine and that is yours’ is the thinking of small minds.
But for those of noble character, the whole earth is one family.”
Only India can make this declaration, no one else in the world can.
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Original transcript (Hindi)
आज के जो पाश्चात्य इतिहासकार हैं, इनको दो हजार वर्ष पुरानी किसी भी बारे में कोई जानकारी नहीं है। दो हजार वर्ष पुराने का मतलब उनका यह मानना है कि दो हजार वर्ष पहले कुछ था ही नहीं। और उस समय की उनकी जो धारणा है, वह तो आप... उनके विभिन्न ग्रंथों के माध्यम से देख सकते हैं। लेकिन भारत ने कभी भी हमेशा से...
तथ्य और प्रमाण को सामने रख कर के... फिर उसको अपने सामने प्रस्तुत किया। काशी के सिक्के भी हैं, अयोध्या के भी सिक्के हैं, कौशाम्बी के हैं, पांचाल जनपद का भी है,
मथुरा का भी है... यानी उन सभी क्षेत्रों से जुड़े हुए दुर्लभ सिक्के, और उसमें भी उनकी... ये सिक्के... कुछ तो...
तांबे के हैं, कुछ चांदी से जुड़े चांदी के हैं, कुछ अन्य मिक्स धातु से भी बने हुए हैं। इन सिक्कों से हमें उस समय की मापक पद्धति के बारे में भी, और उस समय के इतिहास को समझने... उसने उस समय की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के बारे में भी
जानने का एक बहुत बड़ा अवसर प्राप्त होता है। आप याद करिए न, इतनी भारी विरासत... आज भी पश्चिमी मानने को तैयार नहीं, आज भी वे मानते हैं कि दुनिया को लोकतंत्र उन्होंने दिया। जबकि इससे बड़ा सफेद झूठ दूसरा नहीं हो सकता।
याद करिए वैशाली गणराज्य। यह अपने आप में लोकतंत्र की आधारशिला रखने वाला... प्रारंभिक गणराज्यों में से एक है। और इसीलिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने जी-20 समिट के दौरान इस बात को पूरी मजबूती के साथ कहा था...
कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि भारत लोकतंत्र की जननी भी है। यह भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसलिए कहा क्योंकि लोकतंत्र के बारे में अगर किसी को जानना है, तो उसको भारत से सीखना होगा। ये सिक्के भारत की उस विरासत के प्रतीक हैं, भारत की उस धरोहर के प्रतीक हैं।
जिसको भारत और भारतीयता पर, भारत की सनातन परंपरा पर... जिसने जियो और जीने दो पर विश्वास किया। और दुनिया की कौन सी ऐसी जाति, मत, मजहब, संप्रदाय है... जिसको उसकी विपत्ति के समय हम भारतीयों ने शरण दे कर के... फलने, फूलने, आगे बढ़ने के लिए अवसर न दिया हो।
दुनिया के अंदर क्या कोई और देश है? कोई अन्य मत, मजहब या संप्रदाय है जो इस बात की घोषणा करता हो? कि अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्। यह केवल भारत ही इसकी घोषणा कर सकता है, दुनिया में कोई दूसरा नहीं कर सकता है।