दिल्ली SIR पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में वोटर लिस्ट को लेकर सवाल
खबर यह नहीं है कि Supreme Court
ने relief दिलवा दिया है दिल्ली के
मतदाता को SIR के सवाल पे। खबर यह है
कि शायद Supreme
Court का mood भी बदल
रहा है। आज Supreme Court
में धमाकेदार hearing हुई।
प्रशांत भूषण ने दिल्ली
SIR पर तमाम सवाल उठाए,
आपत्तियां दर्ज
की और आज Supreme Court ने खुद
उन्हीं तीन judges की bench में
जिन्होंने पहले बिहार पे दिया था अपना
judgement। उन्होंने वो सवाल
पूछने शुरू किए जो हम पिछले एक
साल से पूछ रहे हैं कि भाई
जिसका नाम 2003 की
list में था उसकी
दोबारा जांच क्यों कर
रहे हो? जिसका नाम SIR से पहले
था, enumeration form
नहीं आया तो तुम काट कैसे
दे सकते
हो जिसका नाम पहले नहीं आया। पुराने voter से तुम
form six कैसे भरवा सकते हो नए voter वाला
और अगर किसी ने घर shift
किया है तो form eight
भरवा दो उसका नाम काट क्यों
रहे हो? और ये भी कहा कि ये जो logical
discrepancy है इस
पे हमने अभी तक judgement नहीं
दिया है। ये खुला
सवाल है मतलब
कि अब SIR पे एक बड़ा सवालिया निशान लग गया
है। वकील लोग कहेंगे ये मामला केवल दिल्ली का था
और अभी तक court ने order नहीं दिया
है, observation दी है।
ये भी मेरे जैसे लोग कहेंगे कि भाई इतनी
दरियादिली केवल दिल्ली के बारे में
क्यों? बेंगलुरु में तो
इससे भी ज्यादा नाम कटे थे।
मगर ये सब तफसील की बात
है। असली खबर यह है कि सड़कों पे जो
हवा चल रही है, शायद वो हवा Supreme Court
तक पहुंच रही है।
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