Transcript · Hindi
Ga8uek
यह मैं बहुत ही भारी मन से बना रही हूँ। क्योंकि वैसे मुझे पता है कि इस
देश में कितने
जाहिल, गवार और धर्म के नाम पर ऐसी हरकतें करने
वाले लोग
रहते हैं जो इंसानियत के कहीं आसपास नहीं है। पर उसके
बावजूद भी जो अभी मैंने कुछ देर पहले सुना
बहुत ज्यादा मेरा दिल दुखा उस बात से।
मुझे अभी पता चला कि कोई
जो house help है जैसे societies में आती हैं और मैं इससे पहले बता
दूँ कि हमारी society
में जो लोग रहते हैं वो अपने आप को बहुत ही educated और posh समझते
हैं। तो
किसी house help की जो बेटी है वो आज
नवमी है तो कंजक जमाते हैं तो अपने दोस्तों के साथ चली
गई और वहां जाकर..
आप ये देखिए बच्चों में डर कितना है। इतने छोटे बच्चों में डर है। वो बच्ची मेरे
ख्याल से third या fourth class में है। तो उसके दोस्त ने उसको बोल दिया कि तुमने
अपना असली नाम नहीं बताना, तुम कोई और नाम बताना। छोटे बच्चे हैं पर
पूरी gravity इस बात की नहीं समझते हुए भी इतना तूने पता ही था कि
अगर तुम वो अपना असली नाम बताएगी तो शायद गड़बड़ हो सकता है। दोस्त ले गए उसे
जबकि उसके पापा उसको मना करते हैं कि बेटा तुमने नहीं जाना है।
तो वो वहां पहुंची। उस बच्ची ने अपना नाम कुछ और बता दिया और उसके बाद
उसने उसकी मम्मी का नाम पूछा। अब एक simple बच्चा कितना झूल,
मतलब उसका दिमाग नहीं चलेगा ना इतना manipulation में। उसने मम्मी का नाम जो था
वो
बता दिया। जैसे ही उस महिला ने उस बच्ची का नाम
सुना उसने उसे घर से बाहर निकाल दिया और घर से बाहर निकालने से पहले उसको दुनिया भर की
बातें सुनाई कि
तुम मुसलमान हो और तुम यहां क्यों आई और यह हमारा त्योहार है।
हम तुम्हारी ईद पर खाना खाने जाते हैं क्या?
हम मस्जिद में जब कुछ होता है तो हम वहां प्रसाद लेने जाते हैं क्या?
ये सब करते हैं क्या? तुम यहां क्यों आई?
मैं सोचती हूं कि आप आज के दिन वैसे तो आप दिखावा कर रहे हो
कि आप, आप औरत को पूज रहे हो, लड़की को पूज रहे हो और आप भगवान को
मान रहे हो, देवी को मान रहे हो। तो अगर लड़की
मुसलमान में पैदा हो गई तो फिर वो लड़की नहीं रह गई है और
बच्चा है तो आपका धर्म इतना छोटा है, इतनी
छोटी समझ है आपकी धर्म की कि आप एक बच्चे को खाना नहीं
खिला सकते उस चीज से ऊपर उठ के। और ये वो लोग हैं जो अपने आप को बहुत ही
पढ़ा लिखा और बड़ा educated और बड़ा posh और बड़ा woke समझते
हैं। बेहद अफसोस की बात है कि हमारे देश की यह दुर्गति है
और लोग इंसानियत से ऊपर उठ नहीं पा रहे हैं। त्योहार एक
ऐसी चीज होती है जहां आप सबको welcome
करते हो और सबको entertain करते हो। और खाना तो एक ऐसी चीज है कि
आप, आप खुशी-खुशी लोगों को खिलाते हो और वो तो
एक छोटी सी
बच्ची थी।
कुछ होने वाला नहीं है मुझे पता है मेरे बोलने से पर क्योंकि मेरा दिल बहुत भारी था
इस चीज से तो मुझे, मुझे बस बाहर put out करना बहुत,
बहुत ज्यादा जरूरी था कि अगर आप इंसानियत को भूल
रहे हो और आप धर्म को इस्तेमाल कर रहे हो किसी बच्चे को बेइज्जत करने के
लिए, गंदा दिलाने के लिए तो आप इंसान भी नहीं हो।
End of transcript · 583 words