Cultural and Demographic Changes in Societies
बच्चों की policy इख्तियार की
और मुसलमान चार-चार शादियां करके
दबा के बच्चे पैदा हुए
तो यूनान market से short हो गया। वो नस्ल ही बढ़ गई,
पता ही नहीं गई कहाँ वो। इसलिए यूनान में अब जो है ना वो original
यूनानी नहीं है। वो शायद कोई एक आद की खबर कहीं मिलती होगी
या कोई एक आद जिंदा होगा जो अपना नसब बताता होगा। लेकिन market से यूनान क्या
हो गया? Short। बिल्कुल ऐसे ही जैसे आज से 60, 70
साल के बाद लोग कहेंगे कि Japanese भी कोई कौम हुआ
करती थी। आप मजाक समझ रहे हो लेकिन यह एक
reality है।
आप कहोगे कि Japanese 70, 80 साल के बाद लोग कहेंगे कि
जापान जिसकी
जो कौमी ज़बान पश्तो है।
एक जमाने में यहां Japanese, क्योंकि पठान माशाल्लाह इतने फैल रहे हैं और
वहां Japanese औरतों से शादी भी कर। तो इसलिए या तो पठान जापानी ज़बान
सीख लेगा
जापान में या Japanese पश्तो पर आ जाएंगे। लेकिन एक बात है
कि नस्ल गए हुए हैं। वहां अल्हम्दुलिल्लाह शादियां की हुई हैं। हमारे
मजहब में शादी है भाई, Japanese के मजहब में नहीं है, हिंदू
मजहब में भी नहीं है। मजहब में है लेकिन culture की बात कर रहा हूं नहीं। Culture
सिर्फ हमारा है
जो promote करता है निकाह को। इसलिए पलड़ा किसका भारी होगा?
हमारा। Europe में भी
Japan पख्तूनिस्तान बनेगा और Italy इटलंगा देश
बनेगा। क्योंकि बांग्लादेशी वहां बहुत ज्यादा हैं।
अब कोई Japan और पख्तूनिस्तान का मुरक्कब बना के,
खैबर Japan ख्वा, बेहतरीन बात की। Japan खान रख
देंगे। Japan बन जाएगा
जब खूनिस्तान।
जब खूनिस्तान, पख्तूनिस्तान और शुरू के G
और P ले लिया हमने miss कर दिया। लेकिन बनेगा बहरहाल कुछ ना कुछ। लेकिन हम
दुनिया में नहीं होंगे शायद उस वक्त।
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