Gandhi's Lesson on Women's Dignity
और मनुष्य को अगर संसार में महानतम होना है तो बस उसके हृदय के धरातल
पर जाना पड़ेगा। गांधी जी मोतिहारी गए थे पहली बार
तो उनको एक घर में भोजन के लिए निमंत्रण दिया गया।
हमारे यहां परंपरा है, महिलाएं भोजन परोसती हैं। गांधी जी भोजन
करने
बैठे तो एक महिला आई और उसने भोजन परोसा। गांधी जी
भोजन करने लगे
तो गांधी जी ने पूछा कि क्या आपके यहां और महिलाएं नहीं हैं?
तो उस महिला ने जो जवाब दिया,
देखिए मैं आज भी भावुक हो जाता हूं। उस घटना को सोच करके, पढ़ करके,
कहा करके। उस महिला ने कहा कि गांधी जी महिलाएं तो मेरे घर में
कई हैं, लेकिन साड़ी एक ही है। हम लोग
तौलिया लपेट कर रहती हैं और कोई पुरुष अतिथि कोई घर में आता
है तो जो एक साड़ी है वही पहनकर एक महिला सामने आती है।
गांधी जी के हाथ से
थाली में कौच छूट गया। गांधी रो पड़े और गांधी ने
उसी दिन अपनी धोती को आधा फाड़ दिया और कहा कि जब मेरी बहु बेटियां,
माताएं बहनें इस तरह से रह रही हैं कि देह ढकने को कपड़ा नहीं है, भारत में
अधनंगी महिलाएं रह रही हैं तो गांधी को भी पूरी धोती पहनने का अधिकार
नहीं। यह होता है गांधी।
End of transcript · 213 words