Ayurvedic Health Tips on Tea Consumption
अगर आपको आपका सेहत अच्छा रखना है तो चाय पीना बंद कर दो पहले।
India में आपको पता है कि चाय सिर्फ दो जगह पर उगती है एक तो Kerala और एक तो
Eastern region। Nature का कमाल देखो जो चीज की
जहां जरूरत है वो वही उगती है। अभी Kerala और
Assam में ठंडी ज्यादा है वहां पर उगती है। अगर वहां के लोगों ने उसको
पिया तो उनको दिक्कत नहीं करेगा। कश्मीर के लोग अगर चाय पीते हैं तो उनको
दिक्कत नहीं करेगा क्योंकि it is very heating in nature। अगर मैं बीजापुर
में रहकर पुणे में रहकर जहां यह गर्मी वाले प्रदेश है, उधर
रहकर अगर मैं चाय पियूंगी जो already पित्त बढ़ाता है and already climate
की वजह से पित्त बढ़ा हुआ है body का तो कितनी दिक्कतें होंगी। Blood
pressure, acidity ये जो दो रोग हैं ना body में पित्त
बढ़ने के कारण
होते हैं और चाय पी पी के तो आप और पित्त बढ़ा रहे हो और आपको पता है ना
आयुर्वेद कहता है कि आपको regional seasonal खाना चाहिए। आप जहां रहते
हो, जिस प्रदेश में वहां का local food खाओ। जो
season चल रहा है
उस हिसाब से खान पान करो। अभी summer season चल रहा है। You need
शरबत तो drink शरबत why चाय। ठंडी के time में पी
लेना चाय और पता होते हुए भी अगर आप गलती करते हो तो उसको
प्रज्ञा अपराध बोलते हैं आयुर्वेद में जिसकी वजह से बहुत सारे diseases होते हैं
हमें तो take care be mindful and follow me
and अगर आपका पित्त already बढ़ चुका है तो book a consultation
bye।
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