असम का रास्ता रोकने की अपील और CAA पर भाषण
तो हमारी यह कोशिश नहीं है दिल्ली में कि हम एक ऐसी भीड़ को बना
पाएं, जिसमें गैर मुस्लिम हमारे साथ नारे तकबीर
लगाएं
और वो हमारी शर्तों पर खड़े हो, हमारे साथ। अगर वो हमारी शर्तों पर नहीं
खड़े हैं तो
मतलब वो हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं और हमारी भीड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि
उन्होंने 70 साल से किया है। अब वक्त यह है कि हम गैर मुसलमानों को बोलें कि अगर
हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आगे खड़े हो। अगर हमारी शर्तों पर नहीं खड़े हो
सकते तो हमदर्द नहीं है हमारा। अरे
तकबीर अल्लाह हु अकबर।
अगर 5 लाख लोग हमारे पास हो organized तो हम
हिंदुस्तान और नॉर्थ ईस्ट को permanently cut कर सकते हैं पर
permanently नहीं तो कम से कम एक आध महीने के लिए तो cut कर ही सकते हैं। मतलब इतना
मवा डाले पटरियों पर और road पर कि उनको हटाने में एक महीना लगे। है कि
नहीं? जाए air force से। असम को काटना हमारी
जिम्मेदारी है।
असम और India कट के अलग हो जाए तभी हमारी बात सुनेंगे।
असम में जो मुसलमानों का हाल है आपको पता है CAA नाफिज़ हो चुका है वहाँ detention
camp में लोग डाले जा रहे हैं, है ना और वहां तो खैर कत्लेआम चल रहा
है। छह आठ महीने में पता चलेगा। सारे बंगालियों को मार दिया गया,
हिंदू हो या मुसलमान।
ठीक है, तो अगर हमें असम की मदद करनी है तो हमें असम
का
रास्ता बंद करना होगा फौज के लिए। समझ रहे हैं। फौज के लिए और
जितने भी जो भी यहां से supply जा रहा है बंद करो और वो बंद कर सकते हैं
क्योंकि chicken neck मुसलमानों का है। वो जो वो जो इलाका है muslim
अक्सरियत है। ऐसा आज हो चुका है तो ये CAA की कहानी नहीं
है। ये कहानी है लंबे betrayal की। कोई बोलता है छह
महीना, कोई बोलता है, छह साल, कोई बोलता है 60 साल। लेकिन ये CAA की बात
तो
हरगिज नहीं है। ये आप लोग भी समझ लीजिए। मेरी नजर में आगे का
plan हमारे सामने यही होना चाहिए कि एक तो हम लोग अपना intellectual
cell बनाएं, जिस पर गांधी nation और इन सब चीजों से
कोई लगाओ ना लगाओ ना clarity हो कि ये हमारे दुश्मन थे।
आपको पता होना चाहिए कि 20वीं सदी का सबसे बड़ा fascist leader
गांधी खुद है। ये पता होना चाहिए आपको।
Congress को किसने promote किया? लाल राज को किसने लाया?
बताइए कौन था वो? Congress को हिंदू party किसने बनाया?
Moderate nationalism और
extremist nationalism. ये जो misnomers दिए जाते हैं,
इसमें फर्क ये है ना कि moderate कौन लोग थे?
जिन्ना, जिन्ना, गोखले जैसे पहले time में moderate लोग थे
है ना
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