Protests and Political Incidents Analysis
CJP से फायर कर दिया बाईया कैसा लगा सच बताओं तो दिल तूट गया
दरसल एक ही दिन में आपके साथ ऐसे दो incidents होते हैं एक बाड़ जब जंतर
मंतर से घर आ रहा था तो मेट्रो पे और फिर जब वापस जंतर मंतर आ रहा था कि
मनु वादी आ गए वहाँ पे और हेकलिंग करने लगे शाम के टाइम तो आपने देखा होगा वीडियो के धक्कम
होके वग़ेरा भी की तो बहुत सारे दोस्तों के कॉल आ रहे थे विजेता मतलब तुम
और अच्छानक से आश्टोष अबीजीत दौनों थे उन्होंने खा विजेता आप मत आओ
क्यों क्या हुआ कि नहीं नहीं वो यार आपका बरगर वाला वो मामला हो गया मैं यार ठीक है
क्योंकि तुम तो देखे रहे हो न कि मैं मतलब पिछली दो राज से वहाँ पे हूँ कि पुलिस का क्रेक डाउन हो जाएगा एक मिनिट मैं मैं बैठा नहीं हूँ वहाँ पे पेहरा दे रहा हूँ फिर नौ बजे हमारी मार्च स्टार्ट होनी थी वो डिले हुई तब तक
मैं वहाँ पे था फिर सुधीर के साथ यह था कि हम लोगों को शायद यहाँ पे रुख जाना चाहिए आता कि पुलिस वैकेट ना कर दे फिर लेकिन हमें जोश आया तो हम मार्च में भी शामिल हुए और जैसे यह हैं
शीता लोड़ फारव जो अंचन पे बेठे हुए थे, वो भी मेरे साथ थे
फिर दूसरी जंग ऐसे घूम के गया मैं केरला हाउस वाला जो एरिया था
तो वहाँ पे आँखों में जलन हो रही थी, शायद टीर गेस, शैल्स पूलिस ने वो किये थे
प्रपगेंडा को पिछले तीस दिन से करी रहा हूँ, और ऐसे में अचानक से कौल आता है और आपको पता चलता है कि जो आपके टीमेट्स हैं, उन्होंने आपको बली का बक्रा बना दिया
प्रपगेंडा को पिछले तीस दिन से कौल आता हूँ, और आपको पता चलता है कि जो आपके टीमेट्स हैं, उन्होंने आपको बली का बना दिया
अन्धुलन को इससे मतलब फायदा होगा तो ये सही
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