Investigative Reporting on Child Deaths
हां वो अभिजीत दीपके ही है। गौर से देखो इस video को कि कैसे लोकतंत्र का
चौथा स्तंभ, हमारा media Prime Minister अभिजीत दीपके की
आंखों में आंखें
डालकर बालाघाट में हुई 30 बच्चों की मौत पर उनसे सवाल कर रहा है।
लाशों पर राजनीति करने, आ गए लाशों पर राजनीति करने। आ गए,
अब सुध मिली आपको। इतना समय हो चुका है।
अगर तुमको लगता है ना कि Godi media सिर्फ नोएडा के studio में बैठता है तो बहुत बड़ी
गलतफहमी में जी रहे हो तुम। तुम इस देश के जितने अंदर घुसोगे, उतना ज्यादा Godi media
मिलेगा और जब आप मध्य प्रदेश के बालाघाट जैसे आदिवासी इलाकों में पहुंचोगे तो Godi
के
अलावा कुछ नहीं मिलेगा। और आज बालाघाट के डरपोक प्रशासन ने अपना यही Godi
media अभिजीत दीपके के ऊपर छोड़ रखा है। पर ये CJP वाला अभिजीत दीपके
बालाघाट आया ही क्यों? शुरू से शुरू करते हैं। बालाघाट जिले के दूर
दराज के
आदिवासी इलाकों में अचानक से मासूम छोटे छोटे बच्चों की मौतें होने लगती हैं और
उन मौतों की वजह मलेरिया, मीजर्स जैसी बीमारियां होती हैं,
जिनका इलाज हमने सालों पहले
खोज लिया था और इस सब से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। सब चंगा सी चल रहा
था। पर फिर इस कहानी में entry होती है लोक सिंह, बिंदु, मोनिका और सौरभ जैसे
स्वतंत्र पत्रकारों की, जिन्होंने जमीन में उतरकर हर एक मौत की
पड़ताल की और बताया
कि बच्चों की मौतों की संख्या सरकार द्वारा बताए गए आंकड़ों से कहीं ज्यादा है और
प्रशासन के सामने ऐसे जमीनी तथ्य रख दिए कि उन्हें भी असली मौतों की संख्या official
करनी पड़ गई। फिर इन लोगों ने बालाघाट जिला अस्पताल के अंदर अव्यवस्था और बच्चों की
मौत को लेकर कुछ कठिन सवाल सीधा वहां के DM से पूछ लिए, जब वो hospital visit में
थे और इसके बाद बालाघाट प्रशासन तो जैसे इन लोगों के पीछे ही पड़ गया। 24
घंटे इन लोगों का पीछा किया जाने लगा। इनके hotel में रात को पूछताछ तक
होने लगी। इन लोगों पर SP और DM से privately मिलने का दबाव बनाया जाने लगा और
जब
उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया और बोला कि अगर आप press conference रखोगे तो ही हम
आएंगे तो इनसे इनका hotel तक खाली करा लिया गया और इन लोगों के वापस लौटते ही
इनके Instagram account suspend कर दिए गए ताकि बालाघाट की सच्चाई देश के सामने ना
पाए। बालाघाट प्रशासन द्वारा उठाया गया इस कदम को Press Club of India तक ने condemn
किया है। पर इसके बाद भी लोक और बिंदु के account अभी तक suspend है। तो मैं अपने इस
video में इन सभी लोगों से collaborate कर रहा हूं और इनके backup accounts
description में mention कर दे रहा हूं। please इन्हें follow करके इनके काम को
ज्यादा
से ज्यादा share करें ताकि बालाघाट का डरपोक प्रशासन अपने मकसद में कामयाब ना
हो पाए।
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