Plane Crash Incident in Bathinda Village
We are here at Akaliyan Khurd village of Bathinda where the
crash has taken place and right now I am joined by some of the
villagers
who live native to this farms where the crash has
happened.
क्या नाम है आपका और यह कैसे crash हुआ? आपने देखा कितने बजे की बात है?
हां जी मेरा नाम सुखराज सिंह है। यह डेढ़ एक बजे का time था।
यह जब जहाज यहां से चल रहा था। यह लाल, इसे आग लगी हुई
थी।
ਤੁਸੀਂ, ਤੁਸੀਂ आप देखे?
हां इसने देखा मैं। हां जी।
आप देख रहे थे जब ये ऊपर।
हां देख रहे थे। हां देख रहे थे सारे। village से इसने चक्कर लगाया था। यह
लाल था आग लगी हुई थी।
कितनी देर रहा ऊपर ये जब चक्कर ले रहा।
जब यह थोड़ी time भी हमारे ऊपर से गया जब। बस एक आधा minute ही यह
जा पाया था। बहुत ही बड़ा धमाका हुआ था। खड़का किया इसने।
आप कह रहे हो जब ऊपर था तभी आग लगी हुई थी।
हां आग लगी हुई थी।
और यहां से फिर उसके बाद गिर गया।
हां जब तो गिर गया इसे फिर बहुत भारी आग लगी। बहुत भारी खड़का किया।
किसी और plane के साथ भी टकराया है?
नहीं, यहां से कोई नहीं टकराया। सीधा ही ड़िगा है।
सीधा ड़िगा है।
हां।
ऊपर से आग लगी।
हां आग लगी।
गांव कौन सा है? ये divide करता है। दो गांव है अलग अलग।
ये अकलीया कलां है। ये अकलीया खुर्द के बीच यह जमीन में ड़िगा पड़ा है।
और उसके बाद क्या हुआ? फिर धमाका हुआ और कैसे?
हां बहुत बड़ा धमाका हुआ इसके बीच जो कोई मतलब की खड़का हुआ,
पटाखों की आवाज तरह सी वो आई थी।
तो गांव वाले गए पास क्योंकि कुछ labors injured हुए।
नहीं 15-20 मिनट बाद आए थे।
अच्छा।
उसके बीच पटाखे चलते ही जा रहे थे। आम नगर आ गया था कि हम इसे
देखें कि क्या चीज है। दूर खड़े थे। कुछ लोग इसके पास हो गए
थे। उसके बीच धमाका हुआ। उन्हें मतलब कि भी।
Injured हो गए।
हां हो गए। उन्हें सटफेट बजी है। कुछ बंदे कहते हैं फटे हो
गए। Death भी हुई है कहते हैं।
एक की death हुई है।
हां।
चरखी दादरी का था हरियाणा का।
हां।
यह कितने
नौ जन injured हुए जो वह सभी मतलब labourer थे जो पास देखने गए थे या गांव
वाले।
Labour भी थे, देखने भी गए। village के लोग भी थे बीच में।
Rescue के लिए कौन कोई।
हां की चीज है। इसे आग बुझा दी गई। आग बहुत ज्यादा थी।
तो अभी फिर जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है?
पास मना कर रहे हैं जाने से।
नहीं, अभी तो नहीं। रात तो जा बड़े थी। अभी तो फिर
इसे पकड़ रहा है ना फौज।
अपनी कार्रवाई कर रही है। अभी नहीं जाने दे रहे हैं nearby से।
तो यह जैसे पाकिस्तान और भारत के बीच यह चल रहा है clash। अब
air strike भी की। अब tension बढ़ गई है तो आप जैसे गांव में रह रहे
हैं। अब यह हादसा हो गया, crash crash हो गया तो कुछ tension
वगैरह है या कैसे?
Tension तो थी ही। थी ही यह चीज। यहां कहीं घर में ड़िग
पड़ता या किसी village में ड़िग पड़ता। कितना बड़ा नुकसान होना था। यह तो उस कुदरत
की मेहर है जिसने इसे बचा लिया।
border तो कितनी nearby है।
हां pilot का कोई पता नहीं। क्या पता जी।
अजी यह नहीं पता लगा कि यह भारत का है या पाकिस्तान का है।
कोई पता नहीं है इसका। इसका रात को तो बहुत ज्यादा आग थी। इसमें fire
brigade आकर गाड़ियों ने आग को बुझाया।
Pilot था जब आप गए पास या गांव वाले।
नहीं, कुछ नहीं थी। अकेली आग थी एक। आग बहुत
ज्यादा थी।
rescue कैसे हुआ फिर वो किसी को निकाला। कोई बचा इसमें से।
नहीं जी, वो तो आग बुझाती थी। उसके बाद police आ गई
थी। जब
police ने उसके बाद सारे को पास से करता था। military आ गई थी। उन्होंने बस
इसे रात को संभाल लिया।
जो pilot था उसका पता नहीं लगा।
उसका कोई पता नहीं है।
आप आप भी बोल रहे थे। क्या आप इसी गांव के हैं?
हां जी।
कौन से गांव के?
अकलीया कलां जी।
अकलीया कलां। क्या क्या हुआ क्या रात को जब।
रात को जी सवा एक बजे हमें हम बाहर पड़े थे।
और बुढ़िया कहती है बिजली ड़िगती है। मैंने कहा बादल नहीं बादल नहीं बिजली कहां
से ड़िगती है।
आवाज आ रही थी।
आवाज आ रही थी पूरा। जैसे पीछे आग लगी है। अभी हमें
आम सामान की बिजली नहीं ड़िगती। उससे लगता था।
फिर उसके बाद।
उसके बाद जी 15-20 मिनट बाद यहां गिर गया जी। हम
तो हमारा भी मकान बाहर बाहर खेतों में जी। अभी तो कोठे पर ही खड़े
थे। यहां motorcycle की line लगी होती। सारे देख के गए लोग यहां रात
को।
तो यह जैसे
दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई हो रही है। इधर से हुई है।
पहलगाम attack हुआ था उसके बाद यह tension है गांव में कि attack होगा या
कैसे खुद को बचाना है।
Tension तो है ही। यहां से फिरोजपुर तो कितनी की दूर है जी border से।
हां
border के तो nearby ही हम। हमें यही tension होगी।
गांव वाला भी कोई injured हुआ है इसमें या labour ही injured हुई है।
नहीं आम बंदे थे।
नहीं मतलब labour वाले बाहर।
एक तो बाहर से था। नहीं एक तो वह भैया मंडी में काम करता
था। वह दाना मंडी में।
पिन वाला भी injured।
एक pin वाला जी। और तीन जख्मी हुए जो pin वाले।
वह hospital में है।
यहां घर है।
हमारे उधर खेतों में।
ज्यादा सट्टा लगी है।
हम तो रात को देख रहे हैं। ऐसे कहते कि हम रात को तो आए नहीं।
क्या नाम है आपका?
इक्बाल सिंह जी।
आपका? सुखराज। So these are villagers from this particular
village सुखराज सिंह and इकबाल सिंह who are telling that the
incident has taken place in the wee hours
near around 1:30 AM where they were
seeing the craft in the air and after which it got crashed here in
the fields of this village of Bathinda area where the
camera person Aman Gupta, Aman Bhardwaj from Akaliyan Khurd,
Bathinda, India Today.
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