Dialogue from a Dramatic Scene
बशका धखका, बीच की चोट,
और कुछ चाहिये तो लिकाल
पान्सो का नोट पान्सो का नोट है,
खड़ी तो हो जा एक बार दिखा तो दे,
बता तो दे खड़ी क्या,
तुझे तो फुल मज़े में लेंगे
पान्सो का धखका, बीच की चोट,
और कुछ चाहिये तो लिकाल पान्सो का नोट
क्या तूने ड्रामा अंदर मुचा रखा है?
इतनी गर्मी हो रखिए, नहै पंखा है,
नहीं एसी है यहाँ कहरिए सब पंखा आए एसी सब सब कुजा है?
तुम्हें क्या हो गया है?
यहां कुछ गर्मी की बाहब सकते है?
अंदर जो तुने कर रखा है!
यहां कहरी सब एसी लगा है, पंखा लगा है,
यह सब तीज़े अंदर क्या है?
कुछ नहीं, बस एक खाट लगा रखी है
अरे, तुझे मज़े चाहिए थे न?
मज़े चाहिए? अम्मा बैठा रखी तुने 30 साल की?
पांगशूर रुपे जादा नहीं दे राया है तु?
तुने कहा था नहीं एसी है?
अजार दो अजार दो देओ कहा था नहीं
कहा था धूट मत बोले
देख रोजी पर बैठी है ऐसी पान..
इनको भी खाँस लिये थे ने सनी कि
मैन बतसे रो helpful और क्यों कि बता रही हो?
चोघ बताने दे ना सच बताने दे भाईसाब
यहां बोला सत्रा जाल अफ्टारा जाल की लड़ी है ठीक है ना
अंदर गिया पहले पांगशूर रखवाले है
लड़के कितनी हैं अंतर?
चल जा निकल यहां से
जादा ना बख चोदे नत कर यहां पर आती हो
लेओ भाईसबध देखो भी है है न?
तो भाई अंदर एसी नहीं थो पैसे देना है इनके वापसी
अरे क्या उसे पैसे है?
ज़्यादा ना मेरा दिना ख़राब ना कर निकल ले ठीके
और आने दे सस्तेंबर को
मेरे कस्तेंबर को मत भरका तेरे से ही पैसे निकाल लूँगी समझा तो
तो अंदर एसी नहीं लगी कुछ नहीं
भाई साब ना कच्ची कलिया है नहीं
भाई साब अम्माई बेठे है जाके देख लो
मैं देखी थिकर रही है एकच्ची कलि
पेरा पैसा निकाल पहले पाँशों तो मैं देधूँगा
पेरा पैसा निकाल पहले
पेरा पैसा निकाल पहले
पेरा पैसा निकाल पहले
तेले क्या करता हूँ मैं?
जड़ा ना फालतू मैं द्रोल अब
देख तेले क्या करता हूं मैं देख।
अब देख देख।
वह से बता वाला,
वह से बता वाला
End of transcript · 360 words