Impact of Protests on Students' Futures
यार ये जो आप देख रहे हो ना, ये दिल्ली पुलिस की
फिंगरप्रिंट ब्यूरो और FSL यानी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम है।
पता है ये क्या कर रहे हैं? कल जंतर मंतर पर जो प्रोटेस्ट हुआ, उसमें जो वायलेंस हुई,
उसके एविडेंस इकट्ठा कर रहे हैं। और यही एविडेंस किसी भी स्टूडेंट की जिंदगी बर्बाद कर सकता है।
मैंने शुरू से अपने जानने वालों को वॉर्न किया था कि इस प्रोटेस्ट का हिस्सा मत बनो।
आपका करियर, आपकी लाइफ दांव पर लग सकती है।
क्योंकि ये प्रोटेस्ट सिर्फ स्टूडेंट्स का नहीं था।
इसमें कुछ पॉलिटिकली मोटिवेटेड लोग घुस गए थे जो स्टूडेंट्स को अपनी ढाल बनाकर अपना प्रोपेगैंडा फैला रहे थे।
और प्रोटेस्ट वाले दिन एग्जैक्टली वही हुआ जिसका डर था।
भीड़ में ऐसे अराजक तत्व, ऐसे एनार्की वाले लोग घुस गए
जिनका एक ही गोल था कि कैसे भी करके इस प्रोटेस्ट को वायलेंट करना है।
और ये कोशिश करनी थी कि कैसे भी कोई कैजुअल्टी हो जाए
ताकि इस आग को और ज्यादा हवा दी जा सके।
अब आप यहां पर थोड़ा ध्यान से समझो कि आगे क्या होगा।
दिल्ली पुलिस हर वैंडलाइज्ड व्हीकल, हर डैमेज्ड प्रॉपर्टी पर से फिंगरप्रिंट निकालेगी
और अपना एक डेटाबेस क्रिएट करेगी।
उसके बाद सीसीटीवी फुटेजेस और वायरल वीडियोस के थ्रू face mapping होगी।
एआई और फेशियल रिकॉग्निशन की मदद से आपका पूरा इंटरनेट फुटप्रिंट ट्रैक होगा
और उसके बाद बनेगा ऐसे लोगों पर डायरेक्ट केस।
तो ये भी याद रखना कि आप ये बोलकर नहीं बच सकते हो कि मैं तो ये प्रोटेस्ट में था ही नहीं,
मैं तो बस वहां से गुजर रहा था।
क्योंकि आपके फिंगरप्रिंट्स लिटरली वहां से मिले हैं,
उस डैमेज्ड प्रॉपर्टी, उस डैमेज्ड व्हीकल से मिले हैं।
आपकी क्लियर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पुलिस के पास होगी।
इसके बाद शुरू होंगे कोर्ट-कचहरी के चक्कर।
आपके पेरेंट्स पुलिस स्टेशन में हाथ-पैर जोड़ेंगे, बताएंगे कि उनका बच्चा निर्दोष है, उसको छोड़ दो।
लेकिन एक बार एफआईआर दर्ज हो जाने पर आपकी पूरी लाइफ ट्रैक से उतर सकती है।
सरकारी नौकरी तो भूल जाओ,
आजकल बड़ी प्राइवेट कंपनीज में भी बैकग्राउंड चेक में ऐसे ऑफेंस वाले कैंडिडेट्स को डायरेक्ट रिजेक्ट कर दिया जाता है।
जीवन में जब तक ये केस चलेगा तब तक आप पासपोर्ट तक नहीं बनवा सकते हो।
और सच बताऊं भाई, ये वर्थ इट नहीं है।
मुझे जेन्युइनली लगता है कि आप लोगों की मांगें बिल्कुल जायज हैं। मुझे भी लगता है कि स्ट्रिक्ट एक्शन होना चाहिए।
लेकिन हक मांगने का तरीका कभी वैंडलिज्म और वायलेंस नहीं हो सकता है।
मेरी बस आप लोगों से एक ही रिक्वेस्ट है, अपना गुस्सा जायज रखो
पर ऐसे फ्रॉड लोगों से दूर रहो, ऐसे फ्रॉड लोगों से बचो प्लीज।
क्योंकि जब आपके ऊपर केस चलेगा ना, तो ये लीडर नहीं होंगे वहां पर।
सिर्फ आप होंगे और आपका बर्बाद फ्यूचर।
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