Political Commentary on Current Events
स्वृत्र गौनर है आप तो यह बोल रहे हैं न मैं पूछा हूँ इस समेल अगर वो
कह रहे हैं की हिंदू तो शत्य है हिंदू सहिस्नु होता है
लेकिन दीन रात हिंदु हिंदु करने वाले हिणसक है. ख्या
कि मोलाना मधणी का इस्लाम ये है? क्या आप
कहा सकते हैं कि ऒ बैसी का इस्लाम है? हिममत है
तो कहा की देखो हिंदू शहिस्नु है इसलिए हिंदू
के बारे मैं संसद में आप कुछ भी बोलेंगे? आप
मै फिर कार राओं! crib
आप लोगों से और आपके सुरोताओं से क्या इस्थिति हुई होती?
जवाब देना भी होता है, ये आप गरिमा से मत उतर ये!
बड़ा सड्यांत्र मुझे दिखाई देता है, कि एक समय जो कॉम्मिनिस्ट क्रांती करके सत्ता बदलते थे अपने हिसाब से, वो समय चला गया है!
पड़ा सड्यांत्र मुझे दिखाई देता है, कि एक समय जो कॉम्मिनिस्ट क्रांती करके सत्त बदलते थे अपने हिसाब से, वो समय चला गया है!
अपनाव का ध्यान रखते हुए, पॉलिटिक्स को पॉलिटक सिमित रहे
परदान मंत्री ने को अंत में कहा है और मैं उसको ठीक मांता हूँ
कि आप जिस भासा में समझेगें हमारे पास उसी भासा में जवाब देने का रास्ता बचेगा
और ये इस्तिती है इस समय देश में ऐसा थोड़े हो सकता है
कि विपक्ष 230 जीत गया हो तो विपक्ष जैसे भी चाहेगा उसे ही चीजे चलेगी
चीजे नियम, कानून, संविधान के तहच चलेगी, परंपराओं के अनुसार चलेगी
अगर ऐसा नहीं चलता है तो आप आईए आप लाल संविधान अच्छा
उस समय क्यां संविधान जा रहा था?
कि सपत गरहन में लाल रंका संविधान लहराने की क्या अबसकता थी मुझे आप बताईए?
कौन संविधान देश में खत्म कर रहा है?
तो यह सारी बाते जो हो रही है यह जो स्टंट का पुलिटिक्स आ गई है
और स्टंट के पीछे जो एक अजीब किसम के आईडियोलोजी है कि हर चीज को बदनाम करके
जनता को भरका करके और तभी हम सत्ता में दुबार आ सकते हैं
अगर इनकी सरकार बराबर करते हुए गिरा दी तो आगे हम जीत सकते हैं
इसमें संसत का चलना बहुत कठी है
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