चीन का ब्रह्मपुत्र बांध और भारत की परियोजना पर अरुणाचल में विरोध
China world का सबसे बड़ा dam बना रहा है और
India इसको counter कर रहा है। पर
इस पर protest क्यों हो रहे हैं India में?
तो China, Brahmaputra river
पर जिसको Tibet में
Yarlung Tsangpo के नाम से जानते हैं,
उस पर world का biggest dam बना रहा है,
जिसको वो India के against weaponize कर
सकता है कभी भी बहुत ज्यादा पानी छोड़कर जिससे India
के northeast में
devastating floods आ सकते हैं। इसको
counter करने के लिए
Indian government ने
भी
एक same river पर eleven thousand megawatt
के dam project को fast track कर
दिया है ताकि अगर China ऊपर से
पानी छोड़ भी दे तो ये dam उसको
control कर पाए या फिर China अगर पानी
रोक ले तो ये dam के reservoir से
वो पानी की needs fulfill
हो पाए और इसी dam के
against अरुणाचल प्रदेश में
इस time protest
चल रहे हैं, जिसमें CBI ने
already एक activist भानु टटक
को arrest कर दिया है क्योंकि उसको
बीस लाख funding आई थी foreign NGOs से
जो Ireland, Philippines और UK
based हैं। अब खुद सोचो
India में ये
dam किसको counter करने के
लिए बन रहा है? China. तो इसको रुकवाना कौन चाहेगा?
Obviously China. पर आप कहोगे
कि funding तो इधर-उधर से आ रही
है, China से
थोड़ी आ रही है। तो यही तो catch है कि foreign funding हमेशा
इधर-उधर से NGOs के through आती है
ताकि कोई money trail को track ना कर
पाए। और ये तो सिर्फ
एक case है। नर्मदा dam में मेधा पाटकर,
जिसकी वजह से नर्मदा
dam तीस सालों तक अटका
रहा और अब Great Nicobar
Island project में भी same case
है। तो ये सब coincidences
नहीं होते हैं। इसलिए
I just hate protests
क्योंकि genuine issues की
protest तो start हो जाती हैं,
पर उनको hijack कर लिया जाता है किसी
भी country को destabilize करने के लिए। और
इसीलिए Indian government FCRA
rules को भी बहुत ज्यादा
strict बनाने वाली
थी। पर तभी हो जाती है CJB
protest। मैंने
कुछ नहीं कहा। बाकी
आप खुद समझदार हैं।
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