Drama about a theft at a temple
चोर, चोर, चोर पकड़ो उसे। अरे
वो दान पात्र से पैसे चुरा रहा है।
बेत पता क्या है? रुक।
पकड़ो
उसे।
हटिये।
भगवान की जेब में हाथ डाल रहा है मूर्ख। हाँ।
पंडित जी यह चोर नहीं है। मैं दान पात्र में पैसे डाल रही थी
और मेरा पर्स अंदर गिर गया। ये तो उसे निकालने में मेरी मदद कर रहे थे।
सच कह रही हूं मैं। आप चाहे तो check कर लीजिए। पर्स में करीब पाँच हज़ार
रुपए हैं। देख लीजिए।
पंडित जी वो मेरे हैं।
एक बार भगवान को अर्पण कर दिए तो कर दिए।
पर-
अब उनके हो गए।
चलो जाने दो इनको।
यार
वैसे तुम कर क्या रहे थे वहां?
Refund ले रहा था अपना। Payment वाला ले लिया और काम नहीं कर रहे।
नहीं नहीं नहीं नहीं। एक मिनट।
मैंने देखा कि पहले तुमने वहां से कुछ पैसे निकाले, फिर कुछ पैसे वापस डाल दिए।
ये वाला दफ्तर वाला वहां बस दो सौ deposit भरा था। उतना ही लिया बाकी return डाल
दी।
तुम बहुत सारे तावीज, माला वगैरह पहनते थे ना।
Reject कर दिया। अब नहीं पहनने का।
फिर stickers क्यों लगाए हैं?
Self defense.
जैसे दीवार पर भगवान का photo लगाते हैं ना ताकि कौनो मूते नहीं। हम यहां लगाता
ताकि कौनो पीटे नहीं।
नीतू कहां है तू? यार तू please pick me up। अपना घर जाने के
पैसे नहीं है मेरे पास।
वो मैं तुझे बाद में बताती हूं। सुन, मैं तेरे पास ही हूं आ। मुद्रिका में वो जो
बड़ा
वाला मंदिर है ना, उसके सामने
जल्दी आ जा। Thanks, bye.
ये लीजिए रख लीजिए।
क्या है ये?
택सी के लिए घर जाए खातिर। जब कौनो अपने घर नहीं जा
पाता ना,
हमको अच्छा feeling नहीं होता।
सुनिए।
और नहीं है हमारे पास। बस इतना ही था।
नहीं नहीं मैं ये नहीं ले सकती।
काहे?
आपको भी घर जाना होगा ना
और आपके पास पैसे नहीं
है।
पैसे से हम
घर नहीं पहुंच पाएगा।
क्यों
कहां रहते हो?
End of transcript · 328 words