Political Commentary on Voting and Citizenship
देशवासियों ने जो शेर पाला था वह अब आदमखोर हो
चुका है। शेर अभी तुम्हारे vote खा रहा है। कल
तुम्हारी नागरिकता खाएगा, परसो पूरा संविधान और देश खा
जाएगा। तो क्या शेर पालना छोड़ दोगे?
बिल्कुल नहीं। मत भूलो कि शेर पालना महंगा होता है और
शेर घास नहीं खाता। तुम्हारी तरह हर देशवासी अगर अपने
vote, नागरिकता और संविधान की बात करने लगेगा तो
यह सरकार कैसे
चल पाएगी? पाकिस्तान कैसे तबाह होगा?
अब्दुल कैसे tight होगा?
अरे तुम्हारा यह vote अखंड भारत से ज्यादा जरूरी है क्या?
vote चोरी पर ज्यादा हाय तौबा करोगे तो चार मुकदमे ठोंक दिए जाएंगे।
ठंडे हो जाओगे। अरे यह नया भारत है। यहां
सरकार से सवाल पूछने वालों को देशद्रोही कहा जाता है।
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