Impact of Monopolies on Indian Economy
2014 से पहले भारत में छह major airline हुआ करती थी, लेकिन आज
सिमट कर वो सिर्फ दो रह गई हैं। 2014 के बाद इन telecom
companies को तो लोगों ने इस तरीके से भुला दिया जैसे वो कभी exist ही ना करती हो
और यह sector भी सिमटकर सिर्फ दो तीन कंपनियों में सीमित रह गई है। देखिए
गिनती काफी लंबी है but पहले समझते हैं यह किया क्यों जा रहा
है। तो यह सब किया
जा रहा है ताकि सिर्फ गिने-चुने companies उस particular sector को rule कर सकें
और monopolies establish की जा सके और कुछ अदृश्य शक्तियां हैं जो इन
monopolies को जन्म देती हैं। चलिए इसे example से समझते हैं। मान
लीजिए एक market है जहां दो shop हैं, एक गौतम की और एक रमेश
की। रमेश तरबूज बेचता है ₹50 किलो, वहीं दूसरी तरफ गौतम तरबूज
बेचता है ₹70 किलो। जाहिर सी बात है सारे लोग गौतम को छोड़कर
रमेश से तरबूज खरीदेंगे। लेकिन गौतम के पास पैसा बहुत है। वो पैसों
से और अदृश्य शक्तियों की मदद से वो रमेश की दुकान खरीद लेता है
और नया rate रख देता है ₹100 किलो। अब market में तरबूज की सिर्फ एक
दुकान बची। इसलिए मजबूरी में सभी ग्राहकों को ₹100 किलो तरबूज ही
लेना पड़ता है। इसमें गौतम जी का मुनाफा double हो जाता है और आपका
loss। यह पूरी list है जहां आप देख सकते हैं कैसे पूरे के पूरे
sector को ही खरीद लिया गया था। आप pause करके देख सकते हैं।
And भारत जैसे देश के लिए
यह कोई छोटी मोटी समस्या नहीं है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता
है। क्योंकि कोई competition नहीं है तो quality और services से compromises होते
रहते
हैं। क्योंकि लोगों पर दूसरा कोई option नहीं है। Example है recent Air India
crash। इतने बड़े crash के बाद भी no accountability, no future
assurances, no questions asked। हर किसी ने उस घटना को
ऐसे भुला दिया
जैसे कभी कुछ हुआ ही न हो। Even government भी कोई action नहीं ले पाई क्योंकि
उन पर दूसरा market में कोई option ही नहीं है। देखिए भारत इतना बड़ा देश है कि इसकी
economy और consumers को कुछ गिने-चुने कंपनियों के हाथों में नहीं छोड़ा जा
सकता। इसलिए अब जरूरत है course correction की। बेहतर regulation चाहिए,
ऐसी policies चाहिए जो सभी कंपनियों के साथ समान तरीके से लागू हो। हमें
चाहिए बेहतर कीमतें, बेहतर services और हर sector में healthy
competition। क्योंकि जब competition मजबूत होगा तो सबसे ज्यादा फायदा किसी
company को नहीं, फायदा होगा आम नागरिक को। और सबसे जरूरी
सरकार की
intention साफ होनी चाहिए।
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