Discussion on Police Violence Against Women
इतनी सी बात है जो महिला पुलिसकर्मियों को पीटा जा रहा है, उन पर action होना
चाहिए कि नहीं होना चाहिए। महिला पुलिसकर्मियों पर जो महिला
पुलिस जो महिला पुलिसकर्मियों को पीटा जा रहा है, उन लोगों पर action होना चाहिए कि
नहीं होना चाहिए।
FIR दर्ज होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए। FIR होनी चाहिए कि नहीं होनी
चाहिए।
अगर कोई पत्रकार है, यहां पर कुछ पत्रकार नहीं है।
यहां पर
ये ये ये तरीका है वो देख वो देख क्या कह रहे हैं। ये तरीका है इधर
तो शिवम ये हालात है। ये भाजपा की तरफ से नहीं हम independence
हैं। independent journalist हैं। पिछले 15
सालों से कर रहे हैं तब भाजपा नहीं थी साहब, तब भाजपा नहीं थी।
अगर सही सवाल पूछा तो ये भाजपा का ठप्पा लगा देंगे।
ये हालात है लोगों के। आखिरकार सच पूछूंगा तो ये हाल
है। ये देखिए ये देखिए अगर अगर सच पूछा
जाएगा तो गोदी media बोल देंगे। महिला कांस्टेबल को चांटे
मारे जा रहे हैं। चांटे मारे जा रहे हैं सर। सर चांटे मारे जा रहे हैं
महिला कांस्टेबल को। किसी की मां है भाई जी। वो भी किसी की मां
है।
वो भी किसी की मां है। ये हाल है। ये
हाल है। ये हाल है।
लड़ाई क्यों करेंगे भाई साहब? हम क्यों लड़ाई करेंगे?
सवाल पूछेगे तो ये तकलीफ हो रही है। तकलीफ हो रही है।
एक सवाल पूछा। तकलीफ हो गई। ये हाल है। ये
देखिए। ये देखिए। ये
देखिए आप कौन है? आप कौन है? आप कौन है?
आप कौन है? आप कौन है भाई साहब?
ये देख ये गोदी media।
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