Understanding Water Memory and Its Impact
आजकल के पड़ी लिखी लोग हसते हैं
जब हमारे घर के बड़े बजर कहते हैं
के बिटा हर किसी के घर का पानी नहीं पीना चाहिए
हमें लगता है कि साप सपाई ये पुराने खयालात की बात है
पर जब मैंने इसके पीछे की साइंस पढ़ी
तो सच में दिमाख सुन हो गया
मोर्डन साइंस में एक थियोरी है
वाटर मेमोरी, पानी की आदास
रीशर्च में साविध हुआ है कि पानी की आसपास
जैसी बाते होती हैं , पानी अपनी बनावट वैसे बदल लेता है
मतलब पानी आपकी भावना है, सोख लेता है
तभी तो हमारे सनातन में किसी भी बड़ी कसम
या संकल्प के लिए हाथ में गंगा जल लिया जाता था
क्योंकि पानी उस वादे को रिकॉर्ट कर लेता है
सोचो अगर तुम किसी ऐसे घर का पानी पी रहे हो
तो तुम पानी नहीं उनका स्ट्रेस पी रहे हो
तो इलाज क्या है?
पानी पीना छोड़ दें?
बिलकुल नहीं
जब भी पानी पीओ बस 3 सेकंड गिलाज को हात में पकड़ो
मन में कोई पॉजिटिव बात या भगवान का नाम लो
औफिर पीओ
तुमारा वो नॉर्मल पानी अमरत बन जाएगा
ट्राय करके देखना
अगर सोचल मीडिया पर फालदू का कॉंटेन देखकर आपका मन भर गया हो
तो आप हमारे चैनल को फॉलू कर सकते हैं
End of transcript · 207 words