Critique of Nationalism and Caste Dynamics
जितने भी लोग आपको online दिखेंगे ये बोलते हुए अपने bio में लिखे हुए हैं कि nation
first आप उसी time समझ जाना कि they are not nation first, they are
ब्राह्मणवादी first क्योंकि अपने ही nation के बहुजन समाज के लोगों को
और दलितों को इतना गरियाते हैं। मतलब वो बांग्लादेश और
पाकिस्तान की minorities जो हिंदू हैं उनके बारे में उनको बहुत चिंता होती है। Being
like कि यहां की minorities क्या कर रही हैं। खुद के देश की minorities के साथ क्या
हो
रहा है उनको अता पता भी नहीं है और उनको ही गालियां बघते हैं तो उनको इस बात
से कोई फर्क नहीं पड़ता कि India Indians के साथ क्या हो रहा है। उनको फर्क पड़ता है
कि ब्राह्मणवाद और जो सवर्ण हिंदू हैं, जो सवर्ण हैं
उनके साथ क्या हो रहा है पूरे देश में। So they are not nation first, they are सवर्ण
first। अच्छी बात है कि आपको minorities के लिए concern है लेकिन India की minorities
के साथ atrocities जो हो रही है उस पर तो कभी आपने concern दिखाया नहीं। उस पर तो जो
लोग concern दिखाते हैं उनको ऊपर से गरियाते हैं, गाली देते हैं कि ये
डफली गैंग, ये दिमागी नक्सल और आपको उनकी minorities की
चिंता हो रही
है। इनको nation की नहीं पड़ी भाई because India is a nation that is
full of diversity diverse culture that has हिंदू, मुस्लिम, सिख,
ईसाई। ये लोग उसको नहीं मानते हैं। ये लोग हिंदुओं को ही मानते हैं और हिंदुओं में
भी दलित समाज SC ST नहीं सिर्फ और सिर्फ सवर्ण,
सिर्फ ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर और यही जो इनका open category
general category में जो लोग आते हैं ये इनका अपना ही है। बस इन्हें
इनसे ही लेना देना है। इनको कोई India first nation first घंटा से फर्क नहीं पड़ता
इनको India से।
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