Delhi Police Response to Death Notification
नमस्कार!
जैसे ही दिल्ली Police के पास अभिजीत दीपेक जी की दादी के निधन
की इत्तला पहुंची, यह दुखद समाचार उन तक पहुंचाने के लिए
Police कर्मी उनके पास गए और हर प्रकार की मदद के लिए
उनसे पूछा गया। Flights, calls या जो भी उन्हें
जरूरत हो वह संवेदनशील भाव के साथ उनसे पूछा।
उनसे लगातार पूछा गया कि उनकी, उनकी parents से उनकी बात
करा दे, जो उन्होंने मना किया।
एकदम से ऐसे news से उभरकर थोड़ा सोचने का time भी दिया गया।
फिर दोबारा से मदद के लिए पूछा। CGP की press
conference में इस तथ्य को गलत तरीके से चित्रित किया गया है।
यह आप इस video में देख सकते हैं।
Sir एक
information share करना है।
Yes.
But sorry, I am sorry बोल रहे हैं। आपकी grandmother
का death हो गई
है। इसी के लिए आप जैसा भी
बता रहे कैसे आपका facility है।
अभी information मिली है।
One minute
please।
Sir ऐसा है कि आपने अपना अगर mind makeup किया हो, अगर
आपको अभी अगर आपकी grandmother के उसमें funeral में अगर जाना
है
तो बस जो भी transport मतलब bus, flight वगैरह जो भी है
हम आपको arrange करवा देंगे।
I stay.
आप यहीं रुकेंगे?
I stay.
जाना नहीं चाहते?
I stay.
Okay
और second thing यह है कि अगर आप अपने किसी family member
से अगर बात करना चाहते हैं तो वह भी हम एक व्यक्ति से जिससे
भी आप बात करना चाहते हैं तो हम आपको अपने official member से बात
करवा सकते हैं।
अगर आप चाहते हैं तो हमें number note करके दे दीजिए।
मेरे पास नहीं है।
Father का number आप दे दो।
Father से बात नहीं कर पाऊंगा मैं बस।
ठीक है। Let's see क्या कर सकते हैं।
मुझे वो funeral कर दो, आज ही कर दो।
जो information मिली है वो यह है कि funeral कल के लिए schedule किया गया है।
नहीं, नहीं, नहीं। ऐसा नहीं होगा।
और आपको इसमें जो भी facility या facilitation मैं send कर सकता हूं,
हम उसी के लिए रहेंगे।
नहीं, ठीक है। मैं, मैं नहीं निकलूंगा यहां से।
ठीक है sir, फिर भी आपका अगर कोई mind change होता है तो
आप हमें बता
दीजिए।
CGP के पूर्व आचरण के अनुसार उन्होंने पूर्व में दी गई
undertakings तथा lawful directions को follow नहीं किया था।
जब इन्हें पिछली बार permission दी गई थी तब इन्होंने कानून को follow
नहीं किया और इनके द्वारा जुटाई गई भीड़ द्वारा भारी
पथराव, आगजनी, हिंसा की गई तथा सरकारी
संपत्तियों का भारी नुकसान भी पहुंचाया। निर्धारित
प्रक्रिया का पालन न किए जाने, पूर्व में भी कानूनों
व दिशा-निर्देशों का अनुपालन न किए जाने के
मामलों तथा वर्तमान में सुरक्षा व कानून
एवं व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर
पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
दिल्ली की सुरक्षा एवं नागरिकों के जानमाल के बचाव
हेतु दिल्ली के कई क्षेत्रों में धारा 160
DNSS लगाई गई, जिसके तहत किसी भी तरह की
जमावड़े एवं protest की अनुमति नहीं थी।
इसलिए अभिजीत दीपेक और उनके दो साथियों को भारत जनता
पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर दिए गए विरोध प्रदर्शन के
call के मद्देनजर 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था,
क्योंकि उक्त प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। Thank you.
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