Discussion on Legal Immunity in Politics
On record बोल रहा हूं। ज्ञानेश कुमार के समय जो भी कानून पारित हुए हैं, उसमें
चुनाव हुए हैं, कोई party जीती हो, चाहे मेरी जीती हो, चाहे कोई और जीती हो,
उसका
review दोबारा होना चाहिए। ऐसा नहीं कह सकते कि भाई जो हमको suit करता है वह ठीक
है, जो हमें suit नहीं करता वह गलत है। अगर
प्रक्रिया गलत है, सबके लिए गलत है and we
have to revisit everything that he is done right from the beginning.
I am very clear about. ज्ञानेश कुमार इस देश में इकलौते व्यक्ति
हैं, इकलौते व्यक्ति
हैं जिनको आजीवन immunity मिली हुई है। कानून पारित कर दिया कि यह व्यक्ति
पद छोड़ने के बाद भी उनके कोई मुकदमा नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री भी हो सकता है, chief
minister भी हो सकता है, थल सेना अध्यक्ष भी हो सकता है लेकिन यह एक
अकेले प्राणी हैं
जिन पूरे देश में जिनको पद छोड़ने के बाद आजीवन तक कोई
कानून की धारा उन पर लागू नहीं है। क्यों? इनको legal protection दिया क्यों?
पहले तो नहीं था। क्या जरूरत पड़ गई? ज्ञानेश कुमार ने कहा होगा अगर मैं यह
करूंगा तो
कल मैं मारा जाऊंगा। सरकार ने कहा, ठीक है, हम आपके लिए सुरक्षा, सुरक्षा कवच बना देते
हैं। आप immunity मिलेगी life long आपको। मतलब जो व्यक्ति
सिर्फ election commissioner है उसको legal immunity क्यों चाहिए आजीवन?
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