Election Commission Law Controversy in India
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। किसी
को पता था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आ
जाएगा। तब भारत की जनता ज्ञानेश को arrest करने की मांग जरूर
करेगी। इसीलिए दिसंबर दो हज़ार तेईस में मोदी सरकार ने एक कानून
बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
उस समय तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ तेलंगाना
में एक FIR हो गई। उसका बहाना बनाकर यह कानून बनाया
गया। कानून कब बना? जिस समय संसद के दोनों सदनों के
कुल एक सौ इकतालीस सांसद suspend कर दिए गए थे। सदन में विपक्ष ही
नहीं था और यह कानून पास हो गया। अपने सरकारी कामकाज के
निर्वहन के लिए चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा
सकेगी। आज समझ आ रहा है कि उस कानून का असली मकसद क्या
रहा होगा। लेकिन ज्ञानेश्वर कुमार के खिलाफ जांच की मनाही तो है
नहीं। यह मामला ज्ञानेश से पहले तेरह करोड़ वोटर का है, जिनके
नाम SIR के जरिए काट दिए गए।
End of transcript · 175 words