Discussion on Tea and National Issues
चाय पीने वाले चूतिया हैं क्या?
चाय पीने वाले चूतिया हैं क्या?
चाय बनाने वाले।
बनाते तो आप लोग हो ना घरों में?
[शोर-शराबा]
[शोर-शराबा]
मैं आपके साथ हूँ, बस चाय के लिए बोला है मैंने।
चाय हम भी पीते हैं, चाय हम भी पीते हैं।
[शोर-शराबा]
[शोर-शराबा]
मैं आपके साथ हूँ।
लेकिन चाय के लिए, चाय मैं भी पीता हूँ।
बात चाय पे नहीं हो रही है, देश पे हो रही है।
तो देश वालों को बोलो ना, चाय को क्यों बोल रहे हो?
क्योंकि दूध पीना हमारी माँ का भी है, हमने भी दूध पिया है।
चाय वाले के हाथ में देश दोगे तो चाय ही बनेगी, देश नहीं चलेगा और कुछ नहीं होगा इसके हाथ में।
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