Philosophy of Life and Suffering
जीवन में जो कुछ होता है, मानव को जो सुख-दुख मिलता है,
उसके पीछे विधि की कोई योजना होती है।
मानव अल्पज्ञ है, वो भविष्य को नहीं जानता।
अब तनिक पीछे की ओर दृष्टि डालकर देखो, तो विधि की योजना का पता चलता है।
सो जो कुछ होता है, भले के लिए ही होता है,
ऐसा मानकर सुख-दुख को भोगना चाहिए।
विधाता दुख शिक्षा के लिए देता है
और सुख मानवता की परीक्षा के लिए।
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