Critique of Media and Journalism
गोदी मीडिया की गांड फाड़ दो
देश किया गुमराह दिन भर
मोदी मोदी मोदी जंतर मंतर ना
दिखा आज तक छी न्यूज़
चैनल में सारे
झांटू पत्रकार दल्लों को
न्यूज़ रिपोर्टिंग ऐस-लिकिंग
में अंतर ना दिखा गले पे
पट्टा लेके कुत्तों जैसे जीभ
निकाले बैठे पब्लिक न्यूज़
को समझे
फैक्ट बहनचोद पीठ पे खंजर
देते कुछ सुधीर नाविका जैसे
कुछ अमीश चित्रा जैसे इनकी
रैंक गिरे हर रोज बिल्कुल देश
की मुद्रा जैसे
अबे बहन के लौड़ो अब तो
बोलो शर्म बेच के बैठे हो
तुम खुदा राम के थे ही नहीं
फेक धर्म बेचते रहते हो
कुत्ते ऐसे हो वो क्या शिक्षित
बनेगा कितने बच्चों ने
सुसाइड की उनकी लाशें नहीं
दिखती क्या दल्लो?
गोदी मीडिया दल्ली है
गोदी मीडिया दल्ली है सारे
प्राइम दल्लों के
गोदी मीडिया दल्ली है
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