Political Speech on Bangladesh Issue
मैं भी असम में गया था। तो असम के अंदर चुनाव
सभा में गया था तो गांव के लोग जहां उतरता था,
उतरते ही मुझे आकर के
कहते साहब
चुनाव सभा तो ठीक है लेकिन आप बांग्लादेशियों के लिए जरूर बोलिए।
साहब ये तो आप बोलकर ही जाइए। हम तो बोले यही सुनने आए
हैं। पूरा गांव का गांव मुझे कहने आता था कि
आप बांग्लादेशियों का बताइए साहब, हम बांग्लादेशियों से परेशान हैं। पूरा गांव
बोलता था। तो मैंने वहां की जनसभा में कहा मैंने कहा देखो भाई,
असम के पड़ोस में बांग्लादेश है और गुजरात के पड़ोस में पाकिस्तान
है। मेरी भी हालत आपके जैसी ही
है। वो आपके पड़ोस में है। मेरे पड़ोस में ये
बैठे हैं।
मैंने कहा लेकिन फर्क थोड़ा सा है। आप उनके कारण परेशान हो,
वो मेरे कारण परेशान हैं।
बहुत
अच्छे।
बहुत
अच्छे।
भारत माता की जय।
मित्रों, हमारा-हमारा, हम, हम इस सौ करोड़ देशवासियों की रक्षा के लिए
बैठे हुए लोगों का मिजाज क्या होना चाहिए?
अपनी चमड़ी बचाने का मिजाज होना चाहिए क्या?
कि देश की इज्जत बचाने का मिजाज होना चाहिए। मित्रों, मुझे मेरी चमड़ी नहीं बचानी
है। कोशिश करूंगा इस देश के काम आ
जाऊं।
भारत माता की जय।
End of transcript · 202 words