Analysis of India's Political Divide
आज की date में भारत दो खेमों में बंट चुका है। एक
हिस्सा लगभग 40% लोग यहां के वो
इस देश को एक राष्ट्र समझने लगे हैं, जिसमें कि एक राजा होती है और
उसकी प्रजा होती है। सरकार का नाम भी राजा के नाम से होता है। हर जगह
राजा का ही photo छपा होता है। तिजोरी भी
राजा की होती है और जय जयकार भी राजा की होती है और प्रजा
राजा के सामने झुक के और सलाम करके रहती है। बाकी के
60% लोग इसको अभी भी democracy समझते हैं
जिसमें लोगों का ही राज होता है। अब ये जो 40% लोग हैं ये
सत्ता है तो शेर और सत्ता नहीं है तो गुब्बारे की हवा निकल गई
फुस। तो ये किसी भी कीमत पे
सत्ता नहीं छोड़ सकते वरना बहुत बुरी तरीके से expose हो जाएंगे। तो बाहर
से दिखने से ऐसा लग रहा है कि ये 40% लोग किसी धर्म
या धार्मिक विचारधारा पे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं लेकिन
यह हकीकत नहीं है। उनका common thread धर्म नहीं है।
उनका common thread है incompetence। कैसे?
जैसे चार main pillars हैं ना democracy के। एक है
legislature, एक media, एक executive और एक judiciary।
चारों pillars के जो सबसे incompetent इंसान हैं
उनको छाँटो और उनको सबसे ऊँचे पदों पर बिठा दो और जो
common
भीड़ में सबसे
बेरोजगार और lowest IQ के incompetent
इंसान हैं, उनको उठा के उनको ये बोल दो कि तुम धर्म के
रक्षक हो या धर्म के योद्धा हो तो इन
incompetent अफसरों, जजों, नेताओं,
media वालों और ये जो common--
ये इनसे मिला के ये पूरा 40% का group तैयार हुआ है।
अब इन सारे लोगों को जीवन में पहली बार
सीढ़ी में इतने ऊपर चढ़ने का मौका मिला है। अब यह कोई coincidence तो
होगा नहीं। अगर किसी ने इस तरीके का structure बनाया है तो इसका फायदा
कोई ना कोई तो ले रहा होगा। क्योंकि competent इंसान जब किसी भी विभाग
में होते हैं, कहीं पर भी होते हैं तो उसको आप बहुत बुद्धू
बना नहीं सकते। वो सवाल
करता है। लेकिन वहीं पर अगर आप सारे layer में incompetency लोगों को बिठा
दोगे तो आपके काम smooth हो जाएंगे तो किसी ना किसी का तो
इससे फायदा हो ही रहा होगा। क्या होता है ना?
Incompetent इंसान को यह पता होता है कि अगर यह
मौका हाथ से जाने दिया तो फिर जीवन में यह मौका दोबारा कभी नहीं मिलेगा
क्योंकि तुम्हारी incompetency expose हो जाएगी। तो अब यह जो
40% लोग हैं, यह एक जबरदस्ती कर रहे हैं बाकी 60%
लोगों के साथ क्योंकि इनके पास सत्ता है, अकूत धन है,
media की power है, सारे system की power है, manpower भी है।
तो यह इतने सारे शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं बाकी
60% को भी अपने जैसा बनाने के लिए। But ऐसा होगा नहीं। They
will be exposed. वो एक कहानी है ना वो कि कोई
गीदड़ शेर की खाल पहन के बहुत दिनों तक बकरियों को बुद्धू बनाता
है। लेकिन जब असली शेर सामने आ जाता है तो
फिर expose हो जाते हैं सब लोग। It will take some time but they will be
exposed badly.
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