Political Discussions and Development Plans
सर मुझे आपके थोड़ी मदद चाहिए।
सर, मेरे और मेरे पार्टनर्स के बहुत सरा बैशा लग गया है, सर.
आप... आप कोई रास्ता निकली ना, सर.
तुम्हें पाइश बहुत बाद रहा थी.
वो जो कहते थे, करके दिखाते थे.
जी.
मोधी को तुम से प्राब्लेम है.
अब वो प्राब्लेम हमारे सर पे आ गया है.
उटर जी, मुझे थोड़ा सा और बाग...
एक हाफ़ता. उसके बाद आप आउट हैं.
जी सर.
आनाल, आप जितना कैस्च चाहिए भादो.
पर वो फाइल एक हाफ़ते में क्लियर हो जानी चाहिए.
मैं आज ही मंतरी जी से मिलता हूँ.
मंतरी जी, मेरा काम कैसे भी करके, इसी अफते में हो जाना चाहिए.
हाँ, हो जाएगा. चिंता मत करो.
पर मोधी?
हरे डिपार्टमेंट मेरा है. मोधी को पता थक नहीं चलेगा.
वैसे...
पाँच पूरे है न?
जी मंतरी.
इसी क्या है कि पाँच मेरा लॉक्की नुम्बर है न?
हाँ पिलो, हाँ पिलो.
डोलीडा डोल रे, वो गाड मारे, चले वीचे.
डोलीडा, डोलीडा, डोलीडा डोल रे, डोल...
जी साब?
अभी तर रस्तमाँ गाडी के मुँबी राखी.
साब, फोन है आपके लिए.
मेरे लिए? किसका?
सियम साब का फोन है.
ज़रा मेरे आफिस पहुंच जी, बात कर रही है.
एक, एक, एक गंते में पहुंचता हूँ.
एक गंता के?
अभी, अभी तो रेट फॉक्स होटेल से निकले हैं यार.
अपने आफिस से पाँच मिनिट मिले.
और हाँ, वो जो होटेल में बैग लिया था,
वो भी ज़रा साथ ले के आना.
जी, जी ठीक है?
मैं तो, मैं तो पार्टी के लिए फन जमाग कर रहा था.
अच्छा?
और ये तो कुछ औरी बोल.
सर, मैं तो, मैं तो एक बज़िनेस मैनेश हूँ, और मैं...
दुबारा मेरे गुजरात के अंदर आए, तो अंदर कर दूगा.
शरमानी चाहिए आपको.
इतना लबा पुलिटिकल करियर, आपका नाम परिवा की इच्छट,
यही मॉल है क्या?
एक, सिर्फ एक मौका दिया.
पहला और आख्री मौका.
बैग उठाये.
नहीं, नहीं.
बैग उठाये.
अपने गुजरात के जितने जवान देश के लिए शहीर हुए,
उनके परिवारों में बांड दीजिये, स्टेट के तरफ से.
रेसीट चाहिए हूँ मुझे.
राम जी,
ना खाऊंगा, ना खाने तोंगा.
क्या कर रहे हो?
सुभी के साथ बज़े हैं.
साथ का बज़े?
सारे पाथ बज़े हैं.
आफिस जाना है.
इतनी चल्दी?
पागल हो गया हो गया?
हाँ, पागल ही हो गया हूँ.
और मुझे पागल बना है, मोधी ने.
ना खाता है, ना खाने देता है.
ना सोता है, ना सोने देता है.
कुर्सिया?
नहीं है सर.
नहीं है?
लोगों ने हमें कुर्सी पर बिठाया,
और हम बैठा ही रह गए.
अब हम सब को काम करना है.
सियेम बन कर, सियेम के लिए.
कॉमन मैन.
गुजराड डिवेलिप्मेंट मॉडल.
सरकार चलाना भी चाय बनाने की तरह है.
पहले पानी और चाय पती डाली.
हलके से उबल नहीं दिजी.
जल्दबाजी नहीं.
जल्दबाजी में काम बिगड जाता है.
थोड़ा दूट डाली, जाधा नहीं.
वरना पेड़ भारी हो जाएगा.
और आपका काम बाहर आना चाहिए.
पेट नहीं.
शक्कर एकदम थोड़ा.
मीठा नहीं खाऊंगा, नहीं खाने दूँगा.
अदरक.
दिमाग को चुस्त रखता है.
और आलस मुझे बिलकुल बरदाश नहीं.
इलाइची.
इससे कभी बदजमी नहीं होगी.
पेट साफ.
और नियत भी साफ.
अब एक कड़शी से धीमे से हिलाईए.
आवाज नहीं.
आपका आउटपूट शोर नहीं,
मोर होना चाहिए.
और ये हुई तैयार मोधी चाहिए.
खाओगे?
नहीं.
खाओ ना.
आज से मेरा उपवास है.
राम जी, आएए.
शुरू कीजिए.
ये आप क्या कर रहे हैं?
आपको सेवन के लिए नहीं,
सेवा के लिए चुना है.
सुरिश भाई, शुरू कीजिए, सेवा.
लीजिये, लीजिये.
आप लोग सब भी आएए.
साहब, 36 साल हो गए मुझे हयाँ पर,
लेकिन कभी इतनी इज़ित नहीं मिली.
इसकी आदर्ड डालीजिये
आदर्ड डालीजिये
आदर्ड डालीजिये
पक्का केंदरी सरकार ने किया है
और हमको पता चले
इसके पेले ही मीडिया को ख़बर हुगई सार्थ
अगर आप नहीं जाएंगे
तो हम गुजरात में इंवेस्मेंटस नहीं ला पाएंगे सार्थ
सर आपके बीना तो अमेरिका जाँने का कोई मतलब ही नहीं है
आशिजा तृप कांसल कर देंगे
नहीं
वीसा हो या नहों
एमेरिका तो में पौँचूंगा जरूर
तो आपको बचते हैं तब मैंनेका
आशिजा तृप कांसल कर देंगे
आशिजा तृप कांसल कर देंगे
आपका स्वागत मैं रेट टेप से नहीं
रेट कारपेट से करूँगा
करप्शन से नहीं
कोपरेशन से करूँगा
मैं बिनती करता हूँ आप सभी से
गुजरात वाइब्रेंट समिट में जरूर आईए
चुड़िये
चोड़िये
हम सभी को साथ मिलकर
एक नया गुजरात, एक नया इंडिया बनाना है
End of transcript · 710 words