Discussion on Communalism and Intolerance
मस्जिद के mimbar पर है और वहां पर वह यह बताता है लोगों
को।
यानी आप तो-
हर मस्जिद के mimbar पर कब्जा है उन चार percent का।
और वह मुझे कहता है जरा अपनी tolerance पर गौर
करिए। सिर्फ गैर मुस्लिम काफिर नहीं है। देवबंदी के
नजदीक बरैली भी काफिर है। बरैली के नजदीक देवबंदी, दोनों के
नजदीक अहले हदीस काफिर है। तीनों के नजदीक शिया काफिर है।
चारों ने अहमदियों को बाहर कर दिया। जरा अपनी, अपनी attitude पर गौर
करिए।
आखिरी दो सवाल आरिफ साहब। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस आप communalism,
conservatism, fundamentalism का जिक्र कर रहे हैं,
मुझे बिल्कुल इनकार नहीं है।
मुस्लिम समुदाय में भी है, दूसरे समुदायों में भी है। फर्क इस बात का
है कि
ये जो clergy जिनका आप जिक्र कर रहे हैं, इनके पास सत्ता का साथ नहीं
है। अभी फिलहाल जो लोग हिंदुत्व की राजनीति में यकीन रखते हैं, हमारी
सरकार जो सबसे बड़ी political party है, जिसका पूरे देश पर फिलहाल
कब्जा है, पूरे संसद में जो है उनके सबसे ज्यादा सदस्य
हैं, उनको
सीधे तौर पर उनका patronage मिला हुआ है। फिर भी आप ये कह रहे हैं कि आपको खतरा
देवबंदी-- देबंद से ज्यादा है, आपको खतरा नागपुर से है।
मैंने तो ये नहीं कहा।
तो मुझे बताइए नागपुर से-
मैंने नहीं कहा।
तो आरिफ साहब एक line में सवाल।
आपकी problem ये journalist होने का मतलब ये नहीं है कि आप मेरे मुंह में अल्फाज रख
दें।
आरिफ साहब एक line में सवाल। देबंद से ज्यादा खतरा है या नागपुर से ज्यादा खतरा
है?
मैंने आपको पहले ही बता दिया।
मैं
अपनी खुदगर्जी के खिलाफ लड़ सकता हूं। मैं दूसरे की खुदगर्जी के खिलाफ लड़ने
की अल्लाह ने मुझे ताकत नहीं दी।
अगर आप समझना चाहे तो समझें और मुझे खूब याद आ रहा है।
आपने सिर्फ अपनी Facebook पर मैं होली खेलूंगी कह
बिस्मिल्लाह डाल दिया था। आपके खिलाफ जो कुछ लिखा है लोगों ने।
मुझे खूब अच्छी तरह याद है। मैंने वो सारे comment पढ़े। उस-- ये
intolerance कहां से आई है और इस intolerance की reaction क्या
होगी?
नहीं मैंने आपसे कहा मुझे conservatism से इनकार नहीं है कि सभी समुदायों में है,
लेकिन मुझे फर्क इस बात का है-
लेकिन, लेकिन हम, हम attack करेंगे दूसरे की खुदगर्जी पर।
नहीं, लेकिन मुझे आरिफ साहब-
हम अपनी बुराई की तरफ नजर डालने को तैयार नहीं होंगे।
मुझे-
क्योंकि ये बड़ा आसान काम है कि हम उंगलियां खुदा के
वास्ते एक उंगली जब आप दूसरे की तरफ उठाते हैं तो चार उंगलियां आपकी अपनी
तरफ होती हैं।
आरिफ साहब मुझे समस्या इस बात से है कि आप इस बात से इनकार कर रहे हैं कि जो दूसरी
तरफ का conservatism, fundamentalism है उसको सरकार
का सानिध्य, सत्ता का साथ प्राप्त है।
आप लड़िए।
आप इस बात से इनकार कर रहे हैं।
मैं कह रहा हूं आप लड़िए उससे। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ
हैं। मैंने तो आपको पहले-
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