Protests and Youth Activism in India
क्या बोलती पब्लिक? कल जंतर मंतर पे क्या देखा? This is गरम कलाकार।
छात्रों में भरा था जूनून देखा, दिल्ली पुलिस पे सवार मैंने खून देखा।
सिविल ड्रेस में गुंडों की धूम देखा और वर्दी वालों की नेम प्लेट गुम देखा।
छोटे बच्चों पे उठा हुआ हाथ देखा, बड़े बूढ़ों को मारा तुमने लात देखा।
मेरी बहनों के बुरे थे हालात देखा और इस देश में युवा की औकात देखा।
छोटे बच्चों पे तुमने आंसू गैस देखा, हमें मारने का पूरा अभ्यास देखा।
सबकी चीख-पुकार, भूख-प्यास देखा, आवाज़ सच की दबाने का प्रयास देखा।
अपनी मीडिया का चाटू वाला रूप देखा, सादे कपड़ों में गुंडों का ग्रुप देखा।
डेमोक्रेसी की हुई वहां ऐसी की तैसी पर सरकार को मैंने फिर भी चुप देखा।
छात्रों से करी तुमने चालाकी है, थोड़ा सब्र करो इलेक्शन आना बाकी है।
छात्रों से करी तुमने चालाकी है, थोड़ा सब्र करो इलेक्शन आना बाकी है।
See you in 2029.
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