Discussion on Media and Democracy Issues
सर आप यहां पर प्रदर्शन करने आए हैं।
नहीं मैं देखने आ रहा हूं इस देश में चल क्या रहा है।
तो क्या चल रहा है, क्या लगता है?
मैं, मैं, मैं मेरी उम्र
जितनी भी है, मैं अभी तक दस से ज्यादा विकसित देशों की
यात्रा कर चुका
हूं।
कौन कौन से देश में?
मैं Belgium गया हूं, France गया हूं, Germany गया हूं, Holland गया
हूं, Russia गया हूं, China गया हूं। अभी मैं तीन साल बाद
Korea से आ रहा हूं और
जो TV में दिखाया जा रहा है कि जो News Channel है जैसे
जो आप देखते हैं, जो Channel आज तक हो गया है,
Zee News उसमें कुछ और दिखाया जा
रहा है और यहां पर आकर मैं खुद देख रहा हूं कि यहां कुछ और ही चल रहा है।
क्या लगता है क्या चल रहा है यहां?
यहां पर जो चीज दिखाई जा रही है Media पर वह चीज ऐसी नहीं है। यहां पर
सरासर धक्केशाही चल रही है और Democracy है नहीं
बिल्कुल भी। जो आवाज उठाता है उसको जेल में डालने के लिए यहां
सर एक चीज मैं बोलना चाहूंगी कि जो आप बोल रहे हैं कि Media
नहीं दिखा रही है, हम आपको दिखा रहे हैं। हम यहां पर बातचीत
करें इस बारे में।
आप क्यों बोल रहे हैं कि Media नहीं दिखा रही क्योंकि हम लोग भी हैं जो काम कर रहे
हैं, Ground पर आकर सारी सच्चाई दिखा रहे हैं,
लोगों से बातचीत।
हां नहीं आप
उन जिन्होंने जिनका काम था यह उन्होंने नहीं किया तभी आप लोग आए हैं यहां
पर।
नहीं हमारा भी TV Channel है। हमारा भी काम है। हम भी यही काम कर रहे हैं। हम भी
दिखाना चाहते हैं क्या सच्चाई है लोगों की।
सर Madam वो बिक चुके हैं, Channel बिक चुके हैं
और उनके ही जो Channel में जो काम करते थे वो लोगों ने उनको, उनको लगा
कि यह सही नहीं हो रहा है तो उन्होंने जाकर अपना Channel बना लिया। आप भी देख रहे हैं
जैसे रवीश कुमार हो गया और अजिंक्य अंजुम हो गए। ऐसे कई
Four, Four Eight, Four PM वाले News हैं आप देखते होंगे और
जिस हिसाब
से इस देश में बोलते हैं जी विश्वगुरु बन गए हम। विश्वगुरु
कहां के विश्वगुरु बन गए हम?
यह विश्वगुरु थोड़ी है। Democracy कहां है हमारी?
बोलने की आजादी नहीं है हमारे को बिल्कुल भी।
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