इजरायल में मिसाइल हमलों का अनुभव: पत्रकार ने अलर्ट और मौतों पर उठाए सवाल
जब बम फटता है न, तो वो देखता ही नहीं कि भारतीय है कि इजरायली है।
सही बात है। और आपके बगल में न, गोलियों से तो आप बच जाएंगे,
राइट-लेफ्ट चोट लगेगी, मिसाइल से आप बचेंगे नहीं।
और ये कहने की बातें थीं कि बंकर बहुत अच्छे होते हैं,
सौ फिट गहरे बंकर में हमने देखा कि लोग मर गए वहां पे।
और आपको कुछ नहीं बताया जा रहा असलियत क्या, क्योंकि हमें कुछ बता...
ये तो इंडियन मीडिया है, धन्यवाद देना चाहिए सरकार का।
कितनी बेहतरीन सरकार है हमारी, वहां तो सरकार आपको कुछ बता नहीं रही,
आप वहां विजुअल्स नहीं ले सकते लाशों के। अस्पताल आप नहीं जा सकते हैं।
और जब घटना होती तो हमें मालूम ही नहीं कि जगह कौन सी, जैसे आपको हमें मालूम है...
...कि अभी गौर सिटी हमें जाना है। वहां पे किस जगह जाना है, घटना...
...ये हमें मालूम ही नहीं क्योंकि कौन बताने वाला है हमें?
और जब हम अगले दिन सुबह पहुंच रहे हैं, और सारे और भी पत्रकार, सिर्फ साधना नहीं...
...और भी जितने पत्रकार, बोला जा रहा है कि only one casualty, one person died.
लेकिन वहां पे जो लोकल, जो इजरायलियन जो कि यहां पे हिमाचल-विमाचल आते हैं फूंकने के लिए,
उन्होंने बताया there were four houses, nobody is alive.
इससे पता लगता है कि बड़ी वहां घटना हुई।
और मैं आपको सच बताऊं कि वहां का टेक्नोलॉजी जो कहने की बातें हैं न,
अलार्म बजता था हम लोगों का, एक दिन सुबह पांच बजे की बात मैं आपको बताऊं...
...कि अलार्म बजा ही नहीं, बस धड़म-धड़म की आवाजें आ रही थीं, पता लगा कि बिना अलार्म के चीजें आ गईं।
तो टेक्नोलॉजी फेल है और जब वो आपके ड्रोन्स...
...और खास तौर से मिसाइलें दगती हैं न...
...तो नहीं पता हमारे दो सौ मीटर से हम कितनी दूरी पे हैं।
और अभी आपको पता लगा होगा कि खास तौर से मिडिल ईस्ट में सारे अमेरिकन एम्बेसी को उन्होंने टारगेट किया है।
हो सकता है कि तेल अवीव की उसको टारगेट किया होता, तो हम भी नहीं बचते, हम...
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