Discussion on Blind Devotion and Knowledge
Z को लेकर जो भड़काया जाता है।
अंत भक्त। अंत भक्त।
अरे सुनिए बोल के थोड़ी ना चली जाएंगी। अंत भक्त की definition क्या होती है?
जो बिना सोचे समझे, बिना किसी चीज के सिर्फ एक ही चीज को
मान ले। जैसे कि उनको देखना नहीं है। कोई चीज है सामने।
उनको कुछ भी सोचना, समझना, सुनना नहीं है और बस
एक ही इंसान की भक्ति करते रहे। उन्हें अंत भक्त कहते हैं। जैसे मान लीजिए मैं
किसी। मैं गौतम गौतम बुद्ध को मान रही हूं। किसी भगवान को मान रही हूं या
मैं Christians को जीजस ईशु ईशु अल इस्लाम को मानू तो मेरे को
Bible आनी चाहिए या मैं श्री कृष्ण को माने मुझे गीता आनी चाहिए। इनको क्या है?
ये इनके श्री कृष्ण को तो कह रहे हैं कि हम कृष्ण को मान रहे हैं इनको माने लेकिन इनको
गीता नहीं आती। यानी कि मोदी को तो मान रहे हैं लेकिन अगर इनसे पूछ लिया जाए मोदी जी
का जन्म कब हुआ था या मोदी जी की माता का क्या नाम था?
या कोई भी knowledge पूछ लें, इनको नहीं पता होगा।
SIR क्या है?
SIR मुझे नहीं पता है।
मैं जोकर जा बढ़ियाँ रे हा।
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