जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबी और खोलने के वादे पर सवाल
जथा पुर्बं तथा परंग
आपने जो जो बात बोला
ओडीसा के लोग सब याद रखे हैं
याद रखेंगे और आज नहीं
तो कल इसका जबाब देंगे क्या?
आपने बोला हमारे जो जगनाट जी का
रत्रभंडार है वो रत्रभंडार का
चाबी टामिल यान ने टामिल लाडू ले लिया
मगर अगर देखा जाये
जो हमारे आद्या सबक
गजबती महराज जी है
वो क्या बोले? चाबी सही सलामत है
तिर क्या हुआ?
आप क्यों ऐसे बोले? टामिल लाडू
चला गया? इसके लिए आपको माफ़ी
पर आपने बाना पर
रत्न भण्डर को हम आएंगे
तो शेदिन में आट दिन में खुलवा देगे
आपको ता आयो है बहुत दिन हो गया
रत्न भंडर तो खुला नहीं
यह जूट क्या था?
मतलब आप जूट बलो, जूट के वाले जूट बलो
और जुट को सच करने के लिए और जुट बोलो
यही है, यही है केम्पेन आपका
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