Cultural Changes in Japan Due to Immigration
जापान अब बन जाएगा
जापान खान। आप देखो नाम भी तब्दील होगा जापान का। जापान में
हमारे पठान भाई जाके माशाल्लाह फैल रहे हैं। वहां शादियां भी कर रहे हैं, औलादें भी हो
रही हैं। और मैंने 15 साल पहले कहा था जापान में चपली कबाब के hotel
खुलेंगे और मैं जापान गया हूं तो पता चला वहां चपली कबाब के hotel
खुल गए हैं। मैंने 15 साल पहले बयान में कहा था कि जापान में निसवार की
दुकानें खुलेंगी और मैं दो साल पहले जापान गया हूं। निसवार की
दुकानें खुल चुकी हैं। मेरे भाई, जिस कौम की नस्ल बढ़ती
है, culture उसी का दुनिया में गालिब आता है।
चाहे आप जितनी भी तरक्की कर
लो। अभी Japanese सर जोड़े बैठे हुए हैं कि हमने एक track पर अपनी
कौम को चलाया था तरबियत कर कर के। तरबियत तो हो गई लेकिन वो तरबियत याफ्ता बंदे market
से short होते जा रहे हैं, नस्ल ही बढ़ रही है।
अब वो अगर
लोगों के दाखिले पर पाबंदी लगाएं तो अपना भुल गया। पाबंदी नहीं लगाएं तो अपना culture
गया।
समझते हो। मैं तो देख कर आया हूं। कितने सियालकोट के लड़के, लोग,
लाहौर के लोग,
क्वेटा और पेशावर के पश्तून लोग। वहां दूसरी तीसरी शादी की
हुई है जापानी लड़कियों से। मैं कहता हूं तुम्हारे घर वालों को पता है?
किसी निकाह के पता है? किसी निकाह के नहीं पता। अब जिन जिन
खवातीन के मिया जापान में job कर रहे हैं, वो सब inquiry शुरू कर दे बेटा।
तुम्हारे मियाओं ने जापान में बड़े गुल खिलाए हुए हैं। हां,
बच्चे mix पैदा हो रहे हैं। वहां पर आधा पठान, आधा जापान, आधा पंजाबी, आधा
जापानी।
इस type के बच्चे पैदा हो रहे हैं।
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