Issues in Madhya Pradesh School Funding
यह मध्य प्रदेश का एक सरकारी स्कूल है और वो भी तब जब मध्य प्रदेश सरकार की तरफ
से स्कूल शिक्षा के लिए 36 हज़ार 581 करोड़ रुपए का बजट
है। क्या यही सुविधाएं दी जा रही हैं बच्चों को हजारों करोड़ बजट के बाद खपरैल
की building, किताब के फाड़े हुए पन्नों में खाना और
दूसरी तरफ भोपाल में मध्य
प्रदेश BJP का नया प्रदेश कार्यालय देखिए। इसे बनाने में करीब 100
करोड़ की लागत लगी है। दस मंजिला इस दफ्तर में आधुनिक सुविधाओं के साथ
हेलीपैड तक की बात सामने आई थी। कोई भी political parties अपने दफ्तरों को
आधुनिक बनाने पर करोड़ों रुपए खर्च कर सकते हैं तो आखिर सरकारी स्कूल के
बच्चों को एक ढंग की छत, एक बैठने की जगह और बुनियादी सुविधाएं क्यों
नहीं दी जाती हैं? कोई समस्या नहीं है सुंदर building बनाने
में, सुंदर office बनाने
में हमें भी बड़ा अच्छा लगता है। लेकिन बस जब सरकारी स्कूल की ऐसी तस्वीरें सामने
आती हैं तो उससे यह पता चलता है कि आखिर हमारी priorities क्या हैं। जब
2010-11 में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट 6,334 करोड़ रुपए
था तब करीब एक करोड़ 33 लाख 66 हज़ार बच्चे
सरकारी स्कूलों में enroll थे। 2025-26 में बजट तो कई
गुना बढ़ाकर 36 हज़ार करोड़ कर दिया गया, लेकिन संख्या घटकर करीब
79 लाख 39 हज़ार बताई गई। जब स्कूल शिक्षा का बजट करीब
छह गुना बढ़ा तो सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या आखिर क्यों घट गई?
और अगर बजट इतना बड़ा है तो बच्चों के लिए एक ठीक-ठाक कमरा,
एक सुंदर बैठने की जगह और बेहतर स्कूल की बुनियादी सुविधाएं क्यों
नहीं दी जा रही हैं? उन्हें यह सुविधाएं कब मिलेंगी और कौन
provide
कराएगा?
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