Personal Struggles with Domestic Violence
मैं शिवाजीनगर पुलिस चौकी में हूं अभी। रात के दो बज रहे हैं।
यह video मुझे मेरे social media page पर डालना चाहिए या नहीं डालना चाहिए, मैं नहीं
जानती हूं। यह सही है या गलत है, लेकिन मैं आप सभी का support
मांगूंगी। वह इसलिए
2016 में मेरी शादी हुई थी
और 2018 में मेरा case हुआ था
DV and 498 का।
8 साल से आज मैं
court के चक्कर काट रही हूं। मैंने कभी इस बारे में किसी से मैंने कभी बात नहीं की है।
मैंने हमेशा चुप खामोश होकर
सारे दर्द झेलकर,
मैं हमेशा खामोश रही हूं। लेकिन इस बार इतनी हद हो चुकी
है। जो भाई मेरा बंदा है ना,
उसने दूसरी शादी कर ली है भाई।
मैं affairs उसके जो थे मैं सुनती थी, लेकिन इस बार तो हद हो गई है।
आज मैंने उसको रात में रंगे हाथों पकड़ लिया। उसकी wife के साथ
में।
अपनी wife के साथ में rented house में रहता है
and उसके already readymade तीन बच्चे संभाल रहा है और उसकी second wife already
pregnant भी है। बहुत बुरा लगा यार। बहुत बुरा लगा इस time
कि कोई इस हद तक कोई कैसे जा सकता है
और रात के 02:00 बज रहे हैं। मैं यहां, यहां हूं। Still अभी तक कुछ भी
मेरी सुनवाई नहीं हुई है
but मैं हार नहीं मानूंगी।
आज
सभी बोलते हैं बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ।
मां बाप बेटी को पढ़ाते हैं
और ऐसे नीच लोग मिल जाते हैं
जिससे बेटी बच नहीं पाती है।
आज मुझे इतना अफसोस हो रहा है। आज मेरे उस फैसले पर मुझे आज इतना
regret feel हो रहा है कि मैंने यार किस बंदे से मैंने प्यार किया था
कभी। उस बंदे से जिसके लिए मैंने सबसे बगावत
करके मैंने उसका हाथ थामा था।
मुझे यकीन नहीं हो रहा है भाई। मुझे यकीन नहीं हो रहा है।
सिर्फ मेरी mama है मेरे साथ में और मैं अकेली हूं। और यह देखो,
उसके लोग देखो कितने हैं।
ऐसे झुंड में आता है यह लोग झगड़ा करने के लिए। एक तो चोरी करते हैं, किसी लड़की
की जिंदगी खराब करते हैं और ऐसे झुंड में सब आता है देखो झगड़ा करने के
लिए।
End of transcript · 363 words