Critique of Privatization in India
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
फिर Indian Railway क्यों बेचा?
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
तुमने तो ISRO भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
अरे भैया BSNL भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
और वो जो Air India बेचा है उसका क्या?
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
भैया LIC भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
और वो जो अहमदाबाद Airport बेचा है।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
Tata Communication भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
लखनऊ एयरपोर्ट भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
ओले ले ले वो जो भारत Petroleum जैसी कंपनियां बेची हैं, उसका क्या?
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
जयपुर का एयरपोर्ट भी तो बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
मुंबई एयरपोर्ट भी बेच दिया।
मैं देश नहीं बिकने दूंगा।
All India Limited भी बेच दिया।
ज्यादा से ज्यादा ये मेरा क्या कर लेंगे भाई? नहीं नहीं बताइए क्या कर लेंगे?
अरे हम तो फकीर आदमी है, झोला लेकर चल पड़ेंगे जी।
इतना सब बेचने के बाद अरे मोदी जी अब तो थम जाओ। क्या India में
कुछ अपना रहने ही ना दोगे।
देश देख रहा है। देश देख रहा है एक
अकेला कितनों को भारी पड़ रहा है।
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