Discussion on Indian Judiciary and Politics
एक खतरनाक secret बताऊँ। हमारे Chief Justice of India सूर्यकांत जी असली
धुरंधर हैं जो एक-एक करके अपनी diary से नाम काट रहे हैं और किसी को खबर तक नहीं है।
मुझे बस एक minute देना अभी prove करके देता हूँ। तुमको याद होगा अभी कुछ महीने पहले
ही ये युवाओं को cockroach बोलकर cockroach जनता party के co founder बन गए थे। अगर
इन्होंने वो बयान नहीं दिया होता तो धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हो पाता क्या?
नहीं ना। और इसके बाद CJI ने personally प्रदर्शन करने वाले छात्रों के ऊपर से
FIR को भी खत्म करवा दिया था। याद है? और अब जब Indian Express के
खुलासे के बाद पूरे देश में ज्ञानी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बन रहा
है, कांग्रेस पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है।
दो अक्टूबर गांधी जयंती के दिन CJP
वाले मुंबई में तो नेहा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और बाकी students,
activist और civil society के लोग दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले हैं तो
हमारे CJI सूर्यकांत कहां पीछे रहने वाले थे। West Bengal में हुए SIR की एक
सुनवाई के दौरान जब CJI से यह बोला गया कि बंगाल में होने वाले उपचुनाव से पहले
ही सुनवाई कर लीजिए ताकि वहां के नागरिकों के vote देने का अधिकार न छिन
पाए तो सूर्यकांत जी कहते हैं कि they are just by-elections मतलब वो बस उपचुनाव
ही
तो हैं। अब मैं मान ही नहीं सकता कि Supreme Court जिसे guardian of the constitution
मतलब संविधान का रक्षक कहा जाता है, उसके सबसे बड़े judge को यह नहीं पता कि
vote डालना इस देश के हर एक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और अगर
SIR के मामले की सुनवाई time पर नहीं हो पाई तो नागरिकों से उनका यह अधिकार छिन
जाएगा। specially तब जब रितिका चोपड़ा की इस report ने SIR और चुनाव आयोग
पर इतने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब CJI ने खुद ऐसा कुछ नहीं बोला है
पर मुझे अंदर से feeling आ रही है कि हमारे CJI पिछली बार की तरह इस बार भी
ऐसा बयान देकर हमें motivate करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हम लोग धर्मेन्द्र प्रधान
की तरह छप्पन inch के छोटे बंदर और उस बंदर के पालतू
छह inch के उसके छोटे बंदर ज्ञानी ज्ञानेश ज्ञानेंद्र की building set
कर दें। वरना कुछ ही महीनों के अंतराल में एक इतने पढ़े लिखे आदमी के मुंह से ऐसी
खतरनाक बातें वो भी दो-दो बार गलती से निकल जाना possible ही नहीं है
boss। ये मुझे ना उस ऊपर वाले non biological का कोई इशारा सा लग रहा
है। वो क्या है ना कि मैं शाहरुख का बहुत बड़ा वाला पंखा हूं तो अगर किसी चीज को
शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है। I
truly believe in that.
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