Analysis of Umar Khalid Bail Rejection
नेहा
वोरा emotional video बनाकर उमर खालिद जैसे शैतान के लिए सहानुभूति बटोरने का
काम कर रही है। video को पूरा देखें और ज्यादा से ज्यादा share करें ताकि इनका यह
fake
narrative टूट सके। उमर खालिद के bail rejection का page number एक देखें। यहां
चीख
चीख कर बताया गया है कि FIR उनसठ बते दो हज़ार बीस के तहत उमर खालिद
पर UAPA के section तेरह, सोलह, सत्रह और अठारह, Arms Act और
IPC तीन सौ दो यानी हत्या सहित दर्जनों गंभीर आरोप हैं और इसी bail
rejection के page number four eight, four nine पर क्या लिखा है यह भारत की एकता
और अखंडता को तोड़ने और terrorist act की गहरी साजिश के लिए ही है। page ग्यारह
पर साफ लिखा है कि यह कोई आम विरोध नहीं था। एक खतरनाक planning के तहत
मुस्लिम बहुल इलाकों में तेईस अलग अलग twenty four seven protest site बनाई गई और
इनका target क्या था? सड़कों पर चक्का जाम करना,
पुलिस पर हमला करना और दिल्ली को
दंगों की आग में झोंक देना। और ये दंगे अचानक नहीं भड़के थे। इनकी timing पूरी
तरीके
से set थी। इसी bail rejection के page number अड़तीस और page number छप्पन पर
गवाहों के बयान हैं। उमर ने सत्रह फरवरी को अमरावती में भड़काऊ भाषण दिया और
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे का जानबूझकर जिक्र किया। मकसद
था दंगे भड़काकर international media में भारत सरकार को बदनाम करना। page छप्पन पर
गवाह Smith ने बताया कि एक secret meeting में उमर ने कहा था हम सरकार गिराने के
लिए तैयार हैं चाहे दिल्ली में दंगे ही क्यों न हो। हमने हथियार इकट्ठा कर लिए हैं।
page number उनसठ पर गवाह Romeo के अनुसार लोगों को उकसाया गया कि जब तक खून नहीं
बहेगा, सरकार नहीं झुकेगी और औरतों और बच्चों को
ढाल बनाकर protest site
पर हो क्या रहा था। page चौवन पर witness Echo का बयान पढ़िए। पिंजरा तोड़ और उमर की
team sites पर लाल मिर्च powder, डंडे और acid की बोतलें इकट्ठा करवा रही थी
और औरतों को code words दिए गए जैसे कल ईद है या नैनीताल जाना है जिसका असली
मतलब था दंगे शुरू करना और सड़क block करना। अब इस साजिश का सबसे अहम
हिस्सा जो उमर खालिद लोगों को खून बहाने के लिए उकसा रहा था। वह खुद तेईस फरवरी
की सुबह दिल्ली से पटना भाग गया ताकि वह खुद को बचा सके। और page चौबीस पर
लिखा है कि दंगे शुरू होते ही बहुत सारी calls start हो गई। यानी लगातार phone
calls के जरिए वह दंगाइयों से जुड़ा रहा। judge ने सारे सबूत देखने के बाद कहा
कि उमर खालिद के खिलाफ लगाए गए आरोप prime facie true यानी प्रथम
दृष्टया सत्य हैं। मेरी आप सब से request है कि नेहा वोरा जैसी रुदालियों के emotions
में मत फंसिए। किस पर क्या आरोप लगाए गए हैं वह समझने के लिए सीधा court के documents
पढ़िए और इस video को हर WhatsApp group में इतना ज्यादा share कीजिए कि इनका यह
झूठा narrative ध्वस्त हो सके।
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