Public Protests Against Election Commissioner
ज्ञानेश कुमार न तो भाजपा के चुनाव commissioner हैं, न ही
भारत सरकार के। ज्ञानेश कुमार भारत के चुनाव commissioner
हैं और भारत की जनता इस वक्त उन्हें हटाने के लिए सड़कों पर आ
चुकी है। उन पर भाजपा के लिए vote चोरी करने का
आरोप है और जिस तरह से भाजपा ज्ञानेश कुमार का बचाव कर
रही है, वह इन आरोपों पर मुहर भी लगा रही है। मतलब
सवाल ज्ञानेश से पूछा जा रहा है, जवाब भाजपा के नेता दे रहे हैं।
यह रिश्ता क्या कहलाता है? क्या चौकीदार की दाढ़ी में तिनका है?
अगर ज्ञानेश कुमार बेदाग हैं और भाजपा से उनकी कोई साठगांठ
नहीं है तो भाजपा सरकार उनके खिलाफ प्रदर्शन क्यों नहीं होने दे रही है?
आम जनता के इस विरोध से भाजपा को क्या दिक्कत है?
आम जनता प्रधानमंत्री का इस्तीफा तो मांग नहीं रही है। ज्ञानेश कुमार
के चुने हुए मुख्यमंत्रियों, sorry जनता के चुने हुए
मुख्यमंत्रियों का इस्तीफा भी अभी तक नहीं मांगा गया है। तो दिक्कत
क्या है? ज्ञानेश कुमार आखिर भाजपा के लिए इतने
जरूरी क्यों हैं?
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