Wisdom and Knowledge in Communication
जो थोड़ा ज्ञानी होता है वो हर किसी को सही रास्ता दिखाने की कोशिश करता है,
लेकिन जो असली बुद्धिमान होता है वो चुप रहता है।
किसी को करेक्ट करने की कोशिश नहीं करता
क्योंकि वो जानता है
कि अगर वो हज़ार गूंगों के बीच में खड़े होकर कह दे कि वो बोल सकता है,
तो वो उससे कुछ सीखेंगे नहीं, उल्टा उसकी ज़ुबान काटने की कोशिश करेंगे।
और यही है नॉलेज का असली श्राप कि तुम चाहकर भी लोगों को सच नहीं समझा सकते।
कुछ लोगों को सच सुनने से प्रॉब्लम नहीं,
उन्हें प्रॉब्लम उस इंसान से है जो सच सुन सकता है, सच बोल सकता है और सच देख सकता है।
इसलिए बुद्धिमान इंसान हर बहस को नहीं जीतता,
हर गलती को नहीं रोकता, हर इंसान को नहीं समझाता।
वो बस देखता है, याद रखता है और वक्त आने पर सही चाल चलता है।
और उसकी वही एक चाल दूसरों के सौ वारों पर भारी पड़ती है।
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