Political Protest and Government Criticism
कुछ नहीं हुआ। कुछ नहीं हुआ। कुछ नहीं हुआ। कुछ नहीं हुआ।
कुछ नहीं हुआ।
वो बच्ची मर गई।
चश्मा चश्मा।
नहीं चश्मा।
कुछ नहीं। कोई ध्यान नहीं दिया।
ये ये काम है पुलिस के।
ये कैसे हुआ?
पुलिस ने किया है। बैरिकेड में हाथ दे के खींच दिया उसने।
तानाशाही। तानाशाही। सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
इनका पाप का घड़ा भर गया है। अब मोदी शाह और अमित को धक्के
मार मार के देश से निकालना है। वो दोनों देश के गद्दार हैं।
उन्होंने देश को बर्बाद कर दिया। वो देश को गुलाम बनाना चाहते
हैं। सत्ता में बैठे लोग देश के दुश्मन हैं।
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