Discussion on Regime Change in India
ये तो Regime Change के लिए हो रही है ना।
हां, हम लोग चाहते हैं Regime Change हो।
अरे तो हम तो कह रहे हैं Regime Change करेंगे।
हां तो Regime तो Change होगी।
ये जो विपक्ष Regime Change के नारे दे रहा है, क्या आप जानते हैं
कि Regime Change क्या होता है? अगर आपको लग रहा है कि Regime Change
करना सरकार बदलना है तो नहीं, ऐसा नहीं है। जब
एक चुनी हुई सरकार संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आती
है तो उसे सरकार कहते हैं। लेकिन Regime
Change का मतलब है सीधे तख्तापलट। जो वोट से नहीं
बल्कि भीड़ तंत्र, बल प्रयोग और अराजकता से होता
है। इतिहास गवाह है। जिस Regime शब्द का इस्तेमाल
फ्रांसीसी क्रांति के दौरान हुआ, आज वो विदेशी ताकतों
के business का हिस्सा बन चुका है। इराक से लेकर
बांग्लादेश, नेपाल में सब वही हुआ जो
आज ये लोग भारत में करना चाहते हैं। Regime
Change का असली चेहरा देखना है तो बांग्लादेश को
देखिए। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठी भीड़, उनके
bedroom में लूटपाट। ये लोकतंत्र नहीं उस नंगे नाच
की तस्वीर है जो Regime Change के नाम पर होता है।
भारत में भी यही script लिखी जा रही है।
पहले संवैधानिक संस्थाओं की credibility पर हमला
करो। राहुल गांधी ने पहले EVM पर सवाल उठाए, फिर
चुनाव आयोग को बिकाऊ कहा और अब कांग्रेस
सीधे न्यायपालिका को धमका रही है। ये सब
जनता का विश्वास तोड़ने की एक गहरी साजिश है। जो
लोग वोट चोरी का narrative set कर रहे हैं, उनका असली
मकसद दो हज़ार उनतीस के चुनाव से पहले ही देश को
जलाकर Regime Change करना है।
लोकतंत्र बचाने का ढोंग करने वाले असल में
भीड़ तंत्र के जरिए भारत को तबाह करना चाहते
हैं। याद रखिए, Regime Change के बाद देश में खुशहाली
नहीं आती बल्कि GDP गिरती है और
आम जनता भूखों मरती है, हिंसा होती है। जैसा
बांग्लादेश में हमने देखा और कुछ मुट्ठी भर लोग इस देश में अगर
ऐसा करना चाहते हैं तो वो होने नहीं दिया जाएगा। मौजूदा
भाजपा सरकार को जनता ने चुन कर भेजा है और
हिंदुस्तान की जनता ऐसा कभी होने नहीं देगी।
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